बालकाण्ड

अध्याय 169: पुरोहित का वेष धरने का छल

5 श्लोक · 169 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

पुरोहित का वेष धरने का छल

तपस्वी आगे कहता है, इस प्रकार बहुत थोड़े कष्ट से सब ब्राह्मण तुम्हारे वश हो जाएँगे। ब्राह्मण होम, यज्ञ और सेवा करेंगे, तो उसी प्रसंग से देवता भी सहज ही वश में हो जाएँगे। एक और बात बताता हूँ, मैं इस वेष में कभी नहीं आऊँगा। हे राजन, अपनी माया से तुम्हारे पुरोहित को हर लाऊँगा, तप के बल से उसे अपने समान बनाकर वर्ष भर यहाँ रखूँगा, और उसका वेष धरकर सब प्रकार तुम्हारा काम सँवारूँगा। रात बहुत बीत गई, अब सो जाओ, तीसरे दिन हमारी भेंट होगी। तप के बल से मैं तुम्हें घोड़े सहित सोते सोते ही घर पहुँचा दूँगा। मैं वही वेष धरकर आऊँगा, तब मुझे पहचान लेना, जब एकान्त में बुलाकर यह सारी कथा सुनाऊँगा।

169.1

एहि बिधि भूप कष्ट अति थोरें । होइहहिँ सकल बिप्र बस तोरें ॥
करिहहिँ बिप्र होम मख सेवा । तेहिं प्रसङ्ग सहजेहिं बस देवा ॥

ehi bidhi bhūpa kaṣṭa ati thoreṃ | hoihahim̐ sakala bipra basa toreṃ ||
karihahim̐ bipra homa makha sevā | tehiṃ prasaṅga sahajehiṃ basa devā ||

169.2

अउर एक तोहि कहउँ लखाऊ । मैँ एहि बेष न आउब काऊ ॥
तुम्हरे उपरोहित कहँ राया । हरि आनब मैँ करि निज माया ॥

aura eka tohi kahaum̐ lakhāū | maim̐ ehi beṣa na āuba kāū ||
tumhare uparohita kaham̐ rāyā | hari ānaba maim̐ kari nija māyā ||

169.3

तप बल तेहि करि आपु समाना । रखिहउँ इहाँ बरष परवाना ॥
मैँ धरि तासु बेष सुनु राजा । सब बिधि तोर सँवारब काजा ॥

tapa bala tehi kari āpu samānā | rakhihaum̐ ihām̐ baraṣa paravānā ||
maim̐ dhari tāsu beṣa sunu rājā | saba bidhi tora sam̐vāraba kājā ||

169.4

गइ निसि बहुत सयन अब कीजे । मोहि तोहि भूप भेँट दिन तीजे ॥
मैँ तप बल तोहि तुरग समेता । पहुँचेहउँ सोवतहि निकेता ॥

gai nisi bahuta sayana aba kīje | mohi tohi bhūpa bhem̐ṭa dina tīje ||
maim̐ tapa bala tohi turaga sametā | pahum̐cehaum̐ sovatahi niketā ||

दो॰ 169दोहा

मैँ आउब सोइ वेष धरि, पहिचानेहु तब मोहि ।
जब एकान्त बोलाइ सब, कथा सुनावउँ तोहि ॥

maim̐ āuba soi veṣa dhari, pahicānehu taba mohi |
jaba ekānta bolāi saba, kathā sunāvaum̐ tohi ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0