सुनु मुनि कथा पुनीत पुरानी । जो गिरिजा प्रति सम्भु बखानी ॥
बिस्व-बिदित एक कैकय देसू । सत्यकेतु तहँ बसइ नरेसू ॥
sunu muni kathā punīta purānī | jo girijā prati sambhu bakhānī ||
bisva-bidita eka kaikaya desū | satyaketu taham̐ basai naresū ||
5 श्लोक · 153 में से 361
याज्ञवल्क्य शम्भु की कही एक पुरानी कथा सुनाते हैं। संसार में प्रसिद्ध कैकय देश में सत्यकेतु नाम के राजा रहते थे। वे धर्मधुरन्धर, नीति के भण्डार, तेजस्वी, प्रतापी, शीलवान और बलवान थे। उनके दो वीर पुत्र हुए। राज्य का उत्तराधिकारी बड़ा पुत्र था, जिसका नाम प्रतापभानु था। दूसरे पुत्र का नाम अरिमर्दन था। दोनों भाइयों में बड़ा मेल था, उनकी प्रीति सब दोषों और छल से रहित थी। राजा ने बड़े पुत्र को राज्य देकर स्वयं हरि के लिए वन को प्रस्थान किया। प्रतापभानु राजा हुए तो देश भर में उनकी दुहाई फिर गई। वे वेद की विधि से प्रजा का पालन करते थे और कहीं पाप का लेश न था।
सुनु मुनि कथा पुनीत पुरानी । जो गिरिजा प्रति सम्भु बखानी ॥
बिस्व-बिदित एक कैकय देसू । सत्यकेतु तहँ बसइ नरेसू ॥
sunu muni kathā punīta purānī | jo girijā prati sambhu bakhānī ||
bisva-bidita eka kaikaya desū | satyaketu taham̐ basai naresū ||
धरम-धुरन्धर नीति-निधाना । तेज प्रताप सील बलवाना ॥
तेहि कें भये जुगल-सुत बीरा । सब-गुन-धाम महा-रनधीरा ॥
dharama-dhurandhara nīti-nidhānā | teja pratāpa sīla balavānā ||
tehi keṃ bhaye jugala-suta bīrā | saba-guna-dhāma mahā-ranadhīrā ||
राज-धनी जो जेठ सुत आही । नाम प्रताप-भानु अस ताही ॥
अपर-सुतहि अरिमर्दन नामा । भुज-बल-अतुल अचल-संग्रामा ॥
rāja-dhanī jo jeṭha suta āhī | nāma pratāpa-bhānu asa tāhī ||
apara-sutahi arimardana nāmā | bhuja-bala-atula acala-saṃgrāmā ||
भाइहि भाइहि परम समीती । सकल दोष छल वरजित प्रीती ॥
जेठे सुतहि राज नृप दीन्हा । हरि हित आपु गवन बन कीन्हा ॥
bhāihi bhāihi parama samītī | sakala doṣa chala varajita prītī ||
jeṭhe sutahi rāja nṛpa dīnhā | hari hita āpu gavana bana kīnhā ||
जब प्रताप-रबि भयउ नप, फिरी दोहाई देस ।
प्रजा पाल अति बेद विधि, कतहुँ नहीँ अघ लेस ॥
jaba pratāpa-rabi bhayau napa, phirī dohāī desa |
prajā pāla ati beda vidhi, katahum̐ nahīm̐ agha lesa ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0