अयोध्याकाण्ड

अध्याय 65: स्वामी बिना सब कुछ शोक

5 श्लोक · 65 में से 326

इस अध्याय में क्या होता है

स्वामी बिना सब कुछ शोक

सीता कहती हैं, माता, पिता, भाई, मित्र, सास, ससुर, गुरु और सुशील पुत्र, हे नाथ, जहाँ तक स्नेह और नाते हैं, पति के बिना स्त्री को वे सब सूर्य से भी अधिक तपाने वाले हैं। शरीर, धन, घर, धरती, नगर और राज्य, पति के बिना सब शोक का समाज है। भोग रोग के समान, गहने भार और संसार यम की यातना जैसा है। हे प्राणनाथ, आपके बिना जगत में मुझे कहीं कुछ सुखद नहीं। जैसे प्राण बिना देह और जल बिना नदी, वैसे ही पुरुष बिना नारी है। आपके साथ, शरद के निर्मल चन्द्रमा जैसा मुख निहारते हुए, सारे सुख हैं। पक्षी और पशु परिजन होंगे, वन नगर, वल्कल निर्मल रेशमी वस्त्र, और आपके साथ पर्णकुटी स्वर्ग के समान सुख की जड़ होगी।

65.1

मातु पिता भगिनी प्रिय भाई । प्रिय परिवार सुह्रद समुदाई ॥
सासु ससुर गुरु सजन सहाई । सुत सुन्दर सुसील सुखदाई ॥

mātu pitā bhaginī priya bhāī | priya parivāra suhrada samudāī ||
sāsu sasura guru sajana sahāī | suta sundara susīla sukhadāī ||

65.2

जहँ लगि नाथ नेह अरु नाते । पिय बिनु तियहि तरनिहु ते ताते ॥
तन धन धाम धरनि पुर राजू । पति बिहीन सब सोक समाजू ॥

jaham̐ lagi nātha neha aru nāte | piya binu tiyahi taranihu te tāte ||
tana dhana dhāma dharani pura rājū | pati bihīna saba soka samājū ||

65.3

भोग रोगसम भूषन भारू । जम-जातना सरिस संसारू ॥
प्राननाथ तुम्ह बिनु जग माहीँ । मो कहँ सुखद कतहुँ कछु नाहीं ॥

bhoga rogasama bhūṣana bhārū | jama-jātanā sarisa saṃsārū ||
prānanātha tumha binu jaga māhīm̐ | mo kaham̐ sukhada katahum̐ kachu nāhīṃ ||

65.4

जिय बिनु देह नदी बिनु बारी । तैसिअ नाथ पुरुष बिनु नारी ॥
नाथ सकल सुख साथ तुम्हारें । सरद-बिमल-बिधु-बदन निहारें ॥

jiya binu deha nadī binu bārī | taisia nātha puruṣa binu nārī ||
nātha sakala sukha sātha tumhāreṃ | sarada-bimala-bidhu-badana nihāreṃ ||

दो॰ 65दोहा

खग-मृग-परिजन नगर-घन, बलकल बिमल दुकूल ।
नाथ साथ सुर-सदन सम, परन-साल सुख-मूल ॥

khaga-mṛga-parijana nagara-ghana, balakala bimala dukūla |
nātha sātha sura-sadana sama, parana-sāla sukha-mūla ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0