अयोध्याकाण्ड

अध्याय 39: सुमन्त्र श्रीराम को पिता के पास लाते हैं

5 श्लोक · 39 में से 326

इस अध्याय में क्या होता है

सुमन्त्र श्रीराम को पिता के पास लाते हैं

कैकेयी बोली, श्रीराम को शीघ्र बुला लाओ, फिर आकर समाचार पूछना। राजा का रुख समझकर सुमन्त्र चले, उन्होंने भाँप लिया कि रानी ने कोई कुचाल की है। सोच से व्याकुल हैं, रास्ते में पाँव नहीं पड़ते। हृदय में धीरज धरकर वे द्वार पर गए, जहाँ उन्हें उदास देखकर सब पूछने लगे। सबका समाधान करके वे वहाँ गए जहाँ सूर्यकुल के तिलक श्रीराम थे। श्रीराम ने सुमन्त्र को आते देखा और पिता के समान मानकर आदर किया। मुख देखकर सुमन्त्र ने राजा की आज्ञा कही और रघुकुल के दीपक को लिवा चले। श्रीराम को इस प्रकार मंत्री के साथ जाते देख लोग जहाँ-तहाँ बिलखने लगे। जाकर रघुवंशमणि ने राजा को बड़ी बुरी दशा में देखा, मानो सिंहिनी को देखकर बूढ़ा गजराज सहमकर गिर पड़ा हो।

39.1

आनहु रामहि बेगि बोलाई । समाचार तब पूँछेहु आई ॥
चलेउ सुमन्त्र राय रुख जानी । लखी कुचालि कीन्हि कछु रानी ॥

ānahu rāmahi begi bolāī | samācāra taba pūm̐chehu āī ||
caleu sumantra rāya rukha jānī | lakhī kucāli kīnhi kachu rānī ||

39.2

सोच बिकल मग परइ न पाऊ । रामहिं बोलि कहहिं का राऊ ॥
उर धरि धीरज गयउ दुआरें । पूछँहिं सकल देखि मन मारें ॥

soca bikala maga parai na pāū | rāmahiṃ boli kahahiṃ kā rāū ||
ura dhari dhīraja gayau duāreṃ | pūcham̐hiṃ sakala dekhi mana māreṃ ||

39.3

समाधान करि सो सबही का । गयउ जहाँ दिन-कर-कुल टीका ॥
राम सुमन्त्रहि आवत देखा । आदर कीन्ह पिता सम लेखा ॥

samādhāna kari so sabahī kā | gayau jahām̐ dina-kara-kula ṭīkā ||
rāma sumantrahi āvata dekhā | ādara kīnha pitā sama lekhā ||

39.4

निरखि बदन कहि भूप-रजाई । रघुकुल-दीपहि चलेउ लेवाई ॥
राम कुभाँति सचिव सँग जाहीं । देखि लोग जहँ तहँ बिलखाहीं ॥

nirakhi badana kahi bhūpa-rajāī | raghukula-dīpahi caleu levāī ||
rāma kubhām̐ti saciva sam̐ga jāhīṃ | dekhi loga jaham̐ taham̐ bilakhāhīṃ ||

दो॰ 39दोहा

जाइ दीख रघुबंस-मनि, नरपति निपट कुसाज ।
सहमि परेउ लखि सिंघिनिहि, मनहुँ बृद्ध गजराज ॥

jāi dīkha raghubaṃsa-mani, narapati nipaṭa kusāja |
sahami pareu lakhi siṃghinihi, manahum̐ bṛddha gajarāja ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0