सूखहिँ अधर जरहिं सब अङ्ग । मनहुँ दीन मनिहीन भुअंगू ॥
सरुष समीप दीख कैकेई । मानहुँ मीच घरी गनि लेई ॥
sūkhahim̐ adhara jarahiṃ saba aṅga | manahum̐ dīna manihīna bhuaṃgū ||
saruṣa samīpa dīkha kaikeī | mānahum̐ mīca gharī gani leī ||
5 श्लोक · 40 में से 326
राजा के होंठ सूख रहे हैं, सारे अंग जल रहे हैं, मानो मणि खोकर साँप दीन हो गया हो। पास ही श्रीराम ने कैकेयी को क्रोध में देखा, मानो मृत्यु घड़ियाँ गिन रही हो। करुणामय श्रीराम ने पहली बार दुःख देखा, फिर भी धीरज धरकर मधुर वचनों से माता से पूछा: माता, पिता के दुःख का कारण बताइए, जिससे उसे दूर किया जाए। कैकेयी बोली, राम, सब कारण यह है कि राजा का तुम पर बहुत स्नेह है। उन्होंने मुझे दो वरदान देने को कहा था, मैंने जो मुझे अच्छा लगा वह माँगा। इधर पुत्र का स्नेह, उधर वचन, राजा संकट में पड़े हैं। हो सके तो आज्ञा सिर पर धरो और यह कठिन क्लेश मिटाओ।
सूखहिँ अधर जरहिं सब अङ्ग । मनहुँ दीन मनिहीन भुअंगू ॥
सरुष समीप दीख कैकेई । मानहुँ मीच घरी गनि लेई ॥
sūkhahim̐ adhara jarahiṃ saba aṅga | manahum̐ dīna manihīna bhuaṃgū ||
saruṣa samīpa dīkha kaikeī | mānahum̐ mīca gharī gani leī ||
करुनामय मृदु राम सुभाऊ । प्रथम दीख दुख सुना न काऊ ॥
तदपि धीर धरि समउ बिचारी । पूंछी मधुर बचन महतारी ॥
karunāmaya mṛdu rāma subhāū | prathama dīkha dukha sunā na kāū ||
tadapi dhīra dhari samau bicārī | pūṃchī madhura bacana mahatārī ||
मोहि कहु मातु तात दुख कारन । करिय जतन जेहिं होइ निवारन ॥
सुनहु राम सब कारन एहू । राजहि तुम पर बहुत सनेहू ॥
mohi kahu mātu tāta dukha kārana | kariya jatana jehiṃ hoi nivārana ||
sunahu rāma saba kārana ehū | rājahi tuma para bahuta sanehū ||
देन कहेन्हि मोहि दुइ बरदाना । मागेउँ जो कछु मोहि सोहाना ॥
सो सुनि भयउ भूप उर सोचू । छाड़ि न सकहिं तुम्हार सँकोचू ॥
dena kahenhi mohi dui baradānā | māgeum̐ jo kachu mohi sohānā ||
so suni bhayau bhūpa ura socū | chār̤i na sakahiṃ tumhāra sam̐kocū ||
सुत सनेह इत बचन उत, सङ्कट परेउ नरेस ।
सकहु त आयसु धरहु सिर, मेटहु कठिन कलेस ॥
suta saneha ita bacana uta, saṅkaṭa pareu naresa |
sakahu ta āyasu dharahu sira, meṭahu kaṭhina kalesa ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0