अयोध्याकाण्ड

अध्याय 320: माताएँ और अवधवासी विदा होते हैं

5 श्लोक · 320 में से 326

इस अध्याय में क्या होता है

माताएँ और अवधवासी विदा होते हैं

सीता परिजनों और माता पिता से मिलकर लौटीं, जिनका प्रेम मान से भी प्रिय और पवित्र है। प्रणाम करके उन्होंने सब सासों से भेंट की; उस प्रीति को कहने में कवि के हृदय में उत्साह नहीं। सीख सुनकर और मनचाहा आशीर्वाद पाकर सीता दोनों कुलों की प्रीति में समाई रहीं। रघुपति ने सुन्दर पालकियाँ मँगवाईं और समझा बुझाकर सब माताओं को चढ़ाया। घोड़े, हाथी और अनेक वाहन सजाकर भरत की सेना चल पड़ी। हृदय में सीता लक्ष्मण सहित राम को रखे सब लोग अचेत से चले जा रहे हैं। पशु भी मन मारे चल रहे हैं। गुरु और गुरुपत्नी के चरणों की वन्दना करके प्रभु सीता और लक्ष्मण सहित हर्ष और विषाद के साथ पर्णकुटी लौट आए।

320.1

परिजन मातु पितहि मिलि सीता । फिरी मान-प्रिय प्रेम पुनीता ॥
करि प्रनामु भेंटी सब सासू । प्रीति कहत कबि हियँ न हुलासू ॥

parijana mātu pitahi mili sītā | phirī māna-priya prema punītā ||
kari pranāmu bheṃṭī saba sāsū | prīti kahata kabi hiyam̐ na hulāsū ||

320.2

सुनि सिख अभिमत आसिष पाई । रही सीय दुहुँ प्रीति समाई ॥
रघुपति पटु पालकीं मगाईं । करि प्रबोध सब मातु चढ़ाई ॥

suni sikha abhimata āsiṣa pāī | rahī sīya duhum̐ prīti samāī ||
raghupati paṭu pālakīṃ magāīṃ | kari prabodha saba mātu car̤hāī ||

320.3

बार बार हिलि मिलि दुहु भाई । सम सनेहँ जननी पहुँचाई ॥
साजि बाजि गज बाहन नाना । भरत भूप दल कीन्ह पयाना ॥

bāra bāra hili mili duhu bhāī | sama saneham̐ jananī pahum̐cāī ||
sāji bāji gaja bāhana nānā | bharata bhūpa dala kīnha payānā ||

320.4

हृदयँ राम सिय लखन समेता । चले जाहिँ सब लोग अचेता ॥
बसह बाजि गज पसु हियँ हारें । चले जाहिँ परबस मन मारें ॥

hṛdayam̐ rāma siya lakhana sametā | cale jāhim̐ saba loga acetā ||
basaha bāji gaja pasu hiyam̐ hāreṃ | cale jāhim̐ parabasa mana māreṃ ||

दो॰ 320दोहा

गुरु गुरु-तिय-पद बन्दि प्रभु, सीता लखन समेत ।
फिरे हरष बिसमय सहित, आये परन-निकेत ॥

guru guru-tiya-pada bandi prabhu, sītā lakhana sameta |
phire haraṣa bisamaya sahita, āye parana-niketa ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0