अयोध्याकाण्ड

अध्याय 30: सत्य के नाम पर कैकेयी के ताने

5 श्लोक · 30 में से 326

इस अध्याय में क्या होता है

सत्य के नाम पर कैकेयी के ताने

राजा मन ही मन पछता रहे हैं, यह दशा देखकर कुमति रानी क्रोधित हुई। बोली, क्या भरत आपके पुत्र नहीं? क्या मुझे दाम देकर खरीद लाए थे? यदि मेरी बात बाण जैसी लगी, तो सोचकर वचन क्यों नहीं दिया? उत्तर दीजिए, हाँ या ना। आप रघुकुल में सत्यप्रतिज्ञ हैं। वर देने को कहा था, अब मत दीजिए, सत्य छोड़िए और अपयश लीजिए। सत्य सराहकर वर देने को कहा, सोचा होगा कि चबेना माँग लेगी! शिबि, दधीचि और बलि ने शरीर और धन देकर भी वचन निभाया। कैकेयी के कड़वे वचन मानो जले पर नमक हैं। धर्मधुरन्धर राजा ने धीरज धरकर आँखें खोलीं, सिर धुनकर लम्बी साँस ली और सोचा, इसने मुझे मर्मस्थान पर मारा है।

30.1

एहि बिधि राउ मनहिँ मन झाँखा । देखि कुभाँति कुमति मन माखा ॥
भरत कि राउर पूत न होहीँ । आनेहु मोल बेसाहि कि मोहीँ ॥

ehi bidhi rāu manahim̐ mana jhām̐khā | dekhi kubhām̐ti kumati mana mākhā ||
bharata ki rāura pūta na hohīm̐ | ānehu mola besāhi ki mohīm̐ ||

30.2

जो सुनि सर अस लाग तुम्हारें । काहे न बोलहु बचन सँभारे ॥
देहु उत्तर अरू करहु कि नाहीँ । सत्य सन्ध तुम्ह रघुकुल माहीँ ॥

jo suni sara asa lāga tumhāreṃ | kāhe na bolahu bacana sam̐bhāre ||
dehu uttara arū karahu ki nāhīm̐ | satya sandha tumha raghukula māhīm̐ ||

30.3

देन कहेहु अब जनि बरु देहू । तजहु सत्य जग अपजस लेहू ॥
सत्य सराहि कहेहु बर देना । जानेहु लेइहि माँगि चबेना ॥

dena kahehu aba jani baru dehū | tajahu satya jaga apajasa lehū ||
satya sarāhi kahehu bara denā | jānehu leihi mām̐gi cabenā ||

30.4

सिबि दधीचि बलि जो कछु भाखा । तनु धन तजेउ बचन पन राखा ॥
अति कटु-बचन कहति कैकेई । मानहुँ लोन जरे पर देई ॥

sibi dadhīci bali jo kachu bhākhā | tanu dhana tajeu bacana pana rākhā ||
ati kaṭu-bacana kahati kaikeī | mānahum̐ lona jare para deī ||

दो॰ 30दोहा

धरम-धुरन्धर धीर धरि, नयन उघारे रायँ ।
सिर धुनि लीन्हि उसास असि, मारेसि मोहि कुठायँ ॥

dharama-dhurandhara dhīra dhari, nayana ughāre rāyam̐ |
sira dhuni līnhi usāsa asi, māresi mohi kuṭhāyam̐ ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0