आगें दीखि जरत रिस भारी । मनहुँ रोष तरवारि उघारी ॥
मूठि कुबुद्धि धार निठुराई । धरी कूबरीं सान बनाई ॥
āgeṃ dīkhi jarata risa bhārī | manahum̐ roṣa taravāri ughārī ||
mūṭhi kubuddhi dhāra niṭhurāī | dharī kūbarīṃ sāna banāī ||
5 श्लोक · 31 में से 326
राजा ने सामने कैकेयी को भारी क्रोध से जलते देखा, मानो क्रोध की नंगी तलवार हो, जिसकी मूठ कुबुद्धि, धार निठुरता है, और जिसे कुबड़ी रूपी सान पर चढ़ाया गया है। राजा ने सोचा कि अब यह सत्य या जीवन में से एक लेगी। छाती कड़ी करके वे विनयपूर्वक बोले: प्रिये, ऐसे बुरे वचन क्यों कहती हो, विश्वास और प्रीति को काट रही हो। भरत और श्रीराम मेरी दो आँखें हैं, शंकर को साक्षी करके सच कहता हूँ। सवेरे ही दूत भेजूँगा, दोनों भाई सुनते ही आ जाएँगे। शुभ दिन देखकर सब साज सजाकर बाजे बजाकर भरत को राज्य दूँगा। श्रीराम को राज्य का लोभ नहीं, भरत पर उनका बहुत प्रेम है। मैं तो बड़े-छोटे का विचार करके राजनीति निभा रहा था।
आगें दीखि जरत रिस भारी । मनहुँ रोष तरवारि उघारी ॥
मूठि कुबुद्धि धार निठुराई । धरी कूबरीं सान बनाई ॥
āgeṃ dīkhi jarata risa bhārī | manahum̐ roṣa taravāri ughārī ||
mūṭhi kubuddhi dhāra niṭhurāī | dharī kūbarīṃ sāna banāī ||
लखी महीप कराल कठोरा । सत्य कि जीवन लेइहि मोरा ॥
बोले राउ कठिन करि छाती । बानी सबिनय तासु सोहाती ॥
lakhī mahīpa karāla kaṭhorā | satya ki jīvana leihi morā ||
bole rāu kaṭhina kari chātī | bānī sabinaya tāsu sohātī ||
प्रिया बचन कस कहसि कुभाँती । भीर प्रतीति प्रीति करि हाँती ॥
मोरें भरत राम दुइ आँखी । सत्य कहउँ करि संकरू साखी ॥
priyā bacana kasa kahasi kubhām̐tī | bhīra pratīti prīti kari hām̐tī ||
moreṃ bharata rāma dui ām̐khī | satya kahaum̐ kari saṃkarū sākhī ||
अवसि दूत मैं पठइब प्राता । ऐहहिं बेगि सुनत दोउ भ्राता ॥
सुदिन सोधि सब साज सजाई । देउँ भरत कहुँ राज बजाई ॥
avasi dūta maiṃ paṭhaiba prātā | aihahiṃ begi sunata dou bhrātā ||
sudina sodhi saba sāja sajāī | deum̐ bharata kahum̐ rāja bajāī ||
लोभ न रामहिँ राज कर, बहुत भरत पर प्रीति ।
मैं बड़ छोट बिचारि जियँ, करत रहेउँ नृप-नीति ॥
lobha na rāmahim̐ rāja kara, bahuta bharata para prīti |
maiṃ bar̤a choṭa bicāri jiyam̐, karata raheum̐ nṛpa-nīti ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0