अयोध्याकाण्ड

अध्याय 239: भरत मुनियों के बीच राम को देखते हैं

5 श्लोक · 239 में से 326

इस अध्याय में क्या होता है

भरत मुनियों के बीच राम को देखते हैं

वन की ओट से लक्ष्मण उन्हें आते नहीं देखते। भरत प्रभु का पावन आश्रम देखते हैं। प्रवेश करते ही दुख की आग बुझ जाती है, जैसे योगी को परमार्थ मिल गया हो। भरत देखते हैं कि लक्ष्मण प्रभु के आगे खड़े हैं। सिर पर जटा, कमर में मुनिवस्त्र, तरकश कसा, हाथ में बाण, कंधे पर धनुष। वेदी पर मुनियों और साधुओं के समाज में सीता सहित रघुराज विराजते हैं। वल्कल वस्त्र, जटाएँ, साँवला शरीर, मानो रति और कामदेव ने मुनिवेष धारण किया हो। करकमलों में धनुष बाण फेरते हैं और हँसकर देखते ही हृदय की जलन हर लेते हैं। मुनिमंडली के बीच सीता और रघुचन्द्र ऐसे लगते हैं मानो ज्ञानसभा में भक्ति और सच्चिदानन्द देह धरकर बैठे हों।

239.1

सखा समेत मनोहर जोटा । लखेउ न लखन सघन बन ओटा ॥
भरत दीख प्रभु आश्रम पावन । सकल सुमङ्गल-सदन सुहावन ॥

sakhā sameta manohara joṭā | lakheu na lakhana saghana bana oṭā ||
bharata dīkha prabhu āśrama pāvana | sakala sumaṅgala-sadana suhāvana ||

239.2

करत प्रबेस मिटे दुख दावा । जनु जोगीं परमारथ पावा ॥
देखे भरत लखन प्रभु आगे । पूछे बचन कहत अनुरागे ॥

karata prabesa miṭe dukha dāvā | janu jogīṃ paramāratha pāvā ||
dekhe bharata lakhana prabhu āge | pūche bacana kahata anurāge ||

239.3

सीस-जटा कटि-मुनि-पट बाँधें । तून कसें कर सर धनु-काँधें ॥
बेदी पर मुनि-साधु-समाजू । सीय सहित राजत रघुराजू ॥

sīsa-jaṭā kaṭi-muni-paṭa bām̐dheṃ | tūna kaseṃ kara sara dhanu-kām̐dheṃ ||
bedī para muni-sādhu-samājū | sīya sahita rājata raghurājū ||

239.4

बलकल-बसन जटिल तनु स्यामा । जनु मुनि बेष कीन्ह रति कामा ॥
कर कमलनि धनु सायक फेरत । जिय की जरनि हरत हंसि हेरत ॥

balakala-basana jaṭila tanu syāmā | janu muni beṣa kīnha rati kāmā ||
kara kamalani dhanu sāyaka pherata | jiya kī jarani harata haṃsi herata ||

दो॰ 239दोहा

लसत मज्जु मुनि-मंडली, मध्य सीय-रघुचन्द ।
ज्ञान-सभाँ जनु तनु धरे, भगति सच्चिदानन्द ॥

lasata majju muni-maṃḍalī, madhya sīya-raghucanda |
jñāna-sabhām̐ janu tanu dhare, bhagati saccidānanda ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0