बन प्रदेस मुनि-बास घनेरे । जनु पुर नगर गाउँ-गन खेरे ॥
बिपुल बिचित्र बिहग मृग नाना । प्रजा समाजु न जाइ बखाना ॥
bana pradesa muni-bāsa ghanere | janu pura nagara gāum̐-gana khere ||
bipula bicitra bihaga mṛga nānā | prajā samāju na jāi bakhānā ||
5 श्लोक · 236 में से 326
रूपक आगे चलता है। वन में मुनियों के बहुत से आश्रम मानो पुर, नगर, गाँव और खेड़े हैं। अनगिनत पक्षी और पशु प्रजा हैं। गैंडा, हाथी, सिंह, बाघ, सूअर, भैंसे और बैल का ठाट देखकर सराहना होती है। वे वैर छोड़कर साथ चरते हैं, मानो जहाँ तहाँ चतुरंगिणी सेना हो। झरने झरते हैं और मतवाले हाथी चिंघाड़ते हैं, मानो अनेक प्रकार के नगाड़े बज रहे हों। चकवा, चकोर, चातक, तोते, कोयल और हंस प्रसन्न मन से कूजते हैं। भौंरे गाते हैं, मोर नाचते हैं, मानो सुराज में चारों ओर मंगल हो। बेलें, वृक्ष और घास फल फूल से भरे हैं। राम के पर्वत की शोभा देखकर भरत के हृदय में बहुत प्रेम उमड़ता है, जैसे तपस्वी तप का फल पाकर नियम से निवृत्त होकर सुखी हो।
बन प्रदेस मुनि-बास घनेरे । जनु पुर नगर गाउँ-गन खेरे ॥
बिपुल बिचित्र बिहग मृग नाना । प्रजा समाजु न जाइ बखाना ॥
bana pradesa muni-bāsa ghanere | janu pura nagara gāum̐-gana khere ||
bipula bicitra bihaga mṛga nānā | prajā samāju na jāi bakhānā ||
खगहा करि हरि बाघ बराहा । देखि महिष वृष साज सराहा ॥
बयर बिहाइ चरहिं एक सङ्गा । जहँ तहँ मनहुँ सेन चतुरङ्गा ॥
khagahā kari hari bāgha barāhā | dekhi mahiṣa vṛṣa sāja sarāhā ||
bayara bihāi carahiṃ eka saṅgā | jaham̐ taham̐ manahum̐ sena caturaṅgā ||
झरना झरहिं मत्त गज गाजहिं । मनहुँ निसान विविध विधि बाजहिं ॥
चक चकोर चातक सुक पिक गन । कूजत मज्जु मराल मुदित मन ॥
jharanā jharahiṃ matta gaja gājahiṃ | manahum̐ nisāna vividha vidhi bājahiṃ ||
caka cakora cātaka suka pika gana | kūjata majju marāla mudita mana ||
मलि-गन गावत नाचत मोरा । जनु सुराज मङ्गल चहुँ ओरा ॥
बेलि बिटप तृन सफल सफूला । सब समाज मुद-मङ्गल-मूला ॥
mali-gana gāvata nācata morā | janu surāja maṅgala cahum̐ orā ||
beli biṭapa tṛna saphala saphūlā | saba samāja muda-maṅgala-mūlā ||
राम-सैल सोभा निरखि, भरत हृदयँ अति पेमु ।
तापस तप-फल पाइ जिमि, सुखी सिरानें नेम ॥
rāma-saila sobhā nirakhi, bharata hṛdayam̐ ati pemu |
tāpasa tapa-phala pāi jimi, sukhī sirāneṃ nema ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0