मुनि कहँ राम दंडवत कीन्हा । आसिरबाद बिप्रबर दीन्हा ॥
देखि राम-छबि नयन जुड़ाने । करि सनमान आश्रमहिं आने ॥
muni kaham̐ rāma daṃḍavata kīnhā | āsirabāda biprabara dīnhā ||
dekhi rāma-chabi nayana jur̤āne | kari sanamāna āśramahiṃ āne ||
5 श्लोक · 125 में से 326
श्रीराम मुनि को दण्डवत करते हैं और विप्रश्रेष्ठ आशीर्वाद देते हैं। श्रीराम की छवि देखकर वाल्मीकि के नेत्र शीतल हो जाते हैं; वे आदर से अतिथियों को आश्रम में लाते हैं और मीठे कन्द, मूल और फल मँगाते हैं। सीता, लक्ष्मण और श्रीराम के फल खा लेने पर मुनि उन्हें सुन्दर आसन देते हैं और मंगलमूर्ति को निहारकर आनन्दित होते हैं। तब श्रीराम हाथ जोड़कर कहते हैं कि आप त्रिकालदर्शी हैं, विश्व आपकी हथेली पर बेर के समान है। फिर वे बताते हैं कि रानी ने किस प्रकार वनवास दिया, और कहते हैं कि पिता की आज्ञा, माता का हित, भरत जैसा भाई राजा, और आपका दर्शन, यह सब मेरे पुण्य का फल है।
मुनि कहँ राम दंडवत कीन्हा । आसिरबाद बिप्रबर दीन्हा ॥
देखि राम-छबि नयन जुड़ाने । करि सनमान आश्रमहिं आने ॥
muni kaham̐ rāma daṃḍavata kīnhā | āsirabāda biprabara dīnhā ||
dekhi rāma-chabi nayana jur̤āne | kari sanamāna āśramahiṃ āne ||
मुनिबर अतिथि प्रान-प्रिय पाये । कन्द मूल फल मधुर मगाए ॥
सिय-सौमित्रि-राम फल खाये । तब मुनि आसन दिये सुहाये ॥
munibara atithi prāna-priya pāye | kanda mūla phala madhura magāe ||
siya-saumitri-rāma phala khāye | taba muni āsana diye suhāye ||
बालमीकि मन आनंद भारी । मङ्गल-मूरति नयन निहारी ॥
तब कर-कमल जोरि रघुराई । बोले बचन स्त्रवन सुखदाई ॥
bālamīki mana ānaṃda bhārī | maṅgala-mūrati nayana nihārī ||
taba kara-kamala jori raghurāī | bole bacana stravana sukhadāī ||
तुम्ह त्रिकाल-दरसी मुनिनाथा । बिस्व बदर जिमि तुम्हारे हाथ ॥
अस कहि प्रभु सब कथा बखानी । जेहि जेहि भाँति दीन्ह बन रानी ॥
tumha trikāla-darasī munināthā | bisva badara jimi tumhāre hātha ||
asa kahi prabhu saba kathā bakhānī | jehi jehi bhām̐ti dīnha bana rānī ||
तात-बचन पुनि मातु-हित, भाइ भरत अस राउ ।
मो कह दरस तुम्हार प्रभु, सब मम पुन्य प्रभाउ ॥
tāta-bacana puni mātu-hita, bhāi bharata asa rāu |
mo kaha darasa tumhāra prabhu, saba mama punya prabhāu ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0