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इतिवृत्त · 12 नवम्बर 1936

त्रावणकोर की मन्दिर-प्रवेश घोषणा

प्राप्ति
महाराजा चित्तिरा तिरुनाल बालराम वर्मा द्वारा अपने जन्मदिन पर तिरुवनन्तपुरम से जारी
अब कहाँ
केरल राज्य अभिलेखागार; पाठ अनेक स्थानों पर छपा है

वह राजाज्ञा जिसने त्रावणकोर सरकार के अधीन हर मन्दिर को सभी हिन्दुओं के लिए, जाति चाहे जो हो, खोल दिया।

यह क्या कहता है

महाराजा ने, ‘इस चिन्ता से कि हमारी किसी भी हिन्दू प्रजा को जन्म, जाति या समुदाय के कारण हिन्दू धर्म की सान्त्वना और शान्ति से वंचित न रहना पड़े’, आदेश दिया कि राज्य के अधीन मन्दिरों में किसी भी जन्म या धर्म से हिन्दू व्यक्ति को प्रवेश और पूजा से न रोका जाए, उनके वातावरण और अनुष्ठानों की रक्षा के नियमों के अधीन।

यह क्या सिद्ध करता है

इसने एक हिन्दू राजा के कृत्य से वह रोक समाप्त की जिसके विरुद्ध वैकम और गुरुवायूर सत्याग्रह लड़े गए थे, और दिखाया कि मन्दिर-प्रवेश धर्म के भीतर से आ सकता है।

इनका प्रमाण