आज भी खड़ा

तोरणा (प्रचंडगढ़) किला

शिवाजी का लिया पहला किला, लगभग सोलह वर्ष की आयु में, स्वराज्य की पहली चाल। यह पुणे ज़िले का सबसे ऊँचा किला है।

निर्माण: पुराना पहाड़ी किला; लगभग 1646 में शिवाजी ने लियास्थान: महाराष्ट्रदेवता: मेंगाई (तोरजाई) देवी18.28° N, 73.62° E
  1. लगभग 1646
चित्र: AnonymousUnknown author · Public domain

01स्वराज्य का आरंभ

तोरणा बीजापुर का किला था, जिसकी रक्षा ढीली थी। लगभग 1646 में युवा शिवाजी और उनके मावळ साथियों ने बिना बड़ी लड़ाई के इसे ले लिया और इसका नाम प्रचंडगढ़ रखा। मराठा बखरें कहती हैं कि दीवारों की मरम्मत करते समय उनके लोगों को गड़ा हुआ धन मिला, जिससे पास के मुरुंबदेव की किलेबंदी हुई, जिसका नाम राजगढ़ रखा गया। किला एक लंबी सँकरी पहाड़ी पर फैला है, दोनों छोरों पर बुधला और झुंजार माचियाँ, और द्वार के पास मेंगाई देवी का छोटा मंदिर।

इस स्थान की जीवन-गाथा

  1. लगभग 1646शिवाजी ने अपना पहला किला तोरणा लिया और नाम प्रचंडगढ़ रखा।
दर्शन और यात्रा

पुणे से लगभग 60 किमी दक्षिण-पश्चिम, वेल्हे गाँव से; आने-जाने में तीन-चार घंटे की खड़ी चढ़ाई।