01दर्रे का धाम
सुरम पहाड़ी रास्ता है और इडै यानी बीच: पुराना नाम बताता है कि गाँव चेंगलपट्टु के पूर्व की नीची पहाड़ियों के एक दर्रे में बसा है। मन्दिर की कथा कहती है कि गौतम और सनत्कुमार ने यहाँ ज्ञानपुरीश्वरर की पूजा कर सन्तान माँगी, और उनकी प्रार्थना पूरी हुई। देवी का तमिल नाम इमय मडक्कोडि उन्हें हिमालय की कोमल लता कहता है। इस स्थान पर सम्बन्दर का एक पदिगम तेवारम में है।
चेंगलपट्टु से लगभग 9 किमी पूर्व।




