आज भी खड़ा

ज्ञानपुरीश्वरर मन्दिर, तिरुविडैच्चुरम (तिरुवडिसूलम)

इडैच्चुरम, पहाड़ियों के बीच का दर्रा, आज चेंगलपट्टु के पास तिरुवडिसूलम। सम्बन्दर ने इसे गाया; कहा जाता है कि गौतम ऋषि और सनत्कुमार ने यहाँ पूजा की।

निर्माण: चेंगलपट्टु के पूर्व पहाड़ियों में छोटा ग्राम-मन्दिरस्थान: तमिलनाडु (चेंगलपट्टु ज़िला)देवता: भगवान शिव ज्ञानपुरीश्वरर (इडैच्चुरनाथ) रूप में; देवी गोवर्धनाम्बिका (इमय मडक्कोडि)12.70° N, 80.03° E
चित्र: Ash Kadakkod · CC0

01दर्रे का धाम

सुरम पहाड़ी रास्ता है और इडै यानी बीच: पुराना नाम बताता है कि गाँव चेंगलपट्टु के पूर्व की नीची पहाड़ियों के एक दर्रे में बसा है। मन्दिर की कथा कहती है कि गौतम और सनत्कुमार ने यहाँ ज्ञानपुरीश्वरर की पूजा कर सन्तान माँगी, और उनकी प्रार्थना पूरी हुई। देवी का तमिल नाम इमय मडक्कोडि उन्हें हिमालय की कोमल लता कहता है। इस स्थान पर सम्बन्दर का एक पदिगम तेवारम में है।

दर्शन और यात्रा

चेंगलपट्टु से लगभग 9 किमी पूर्व।