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तालपुरीश्वरर मन्दिर, तिरुप्पनंगाडु (वन्पार्त्तान पनंगाट्टूर)

कांचीपुरम के पास ताड़-वन का धाम, जहाँ दो स्वामी और दो देवियाँ साथ-साथ हैं। इसे सुन्दरर ने गाया।

निर्माण: दो गर्भगृहों वाला मन्दिर, एक गजपृष्ठ (अर्धवृत्ताकार)स्थान: तमिलनाडु (तिरुवण्णामलै ज़िला, कांचीपुरम के पास)देवता: भगवान शिव तालपुरीश्वरर (पनंगाट्टीश्वर) और कृपापुरीश्वरर रूप में; देवी अमृतवल्ली और कृपानायकी12.80° N, 79.61° E
चित्र: பா.ஜம்புலிங்கம் · CC0

01ताड़-वन में दो स्वामी

पनै ताड़ है और ताल उसका संस्कृत नाम; ताड़ यहाँ का स्थल-वृक्ष है और यह स्थान कभी ताड़-वन था। मन्दिर में दो प्रधान लिंग हैं: अगस्त्य द्वारा प्रतिष्ठित तालपुरीश्वरर, और कृपापुरीश्वरर, उनकी देवियाँ अमृतवल्ली और कृपानायकी। जटा गंगै और सुन्दरर तीर्थ यहाँ के सरोवर हैं। सुन्दरर ने यहाँ एक पदिगम गाया और स्थान को वन्पार्त्तान पनंगाट्टूर कहा। ब्रह्मोत्सव मासि में, अन्नाभिषेक ऐप्पसि में और आरुद्रा दर्शन मार्गऴि में होता है।

दर्शन और यात्रा

कांचीपुरम से लगभग 10 किमी दक्षिण-पश्चिम; तिरुप्पनंगाडु गाँव पूछें।