आज भी खड़ा

जगदीश्वरर मन्दिर, तिरुप्पेरेयिल (ओगैप्पेरैयूर)

पेरेयिल, बड़ा दुर्ग, तिरुवारूर की रक्षा करने वाली चौकी के रूप में याद किया जाता है। अप्पर ने यहाँ जगत के स्वामी को गाया।

निर्माण: चोल देश का मन्दिर, गोपुर-द्वार सहितस्थान: तमिलनाडु (तिरुवारूर ज़िला)देवता: भगवान शिव जगदीश्वरर रूप में; देवी जगन्नायकी10.73° N, 79.57° E
चित्र: பா.ஜம்புலிங்கம் · CC BY-SA 4.0

01तिरुवारूर के पास अप्पर का धाम

ओगैप्पेरैयूर, जैसा गाँव अब कहलाता है, तिरुवारूर–मन्नारगुडि मार्ग से हटकर है। इसका एक तेवारम पदिगम अप्पर का है, जिससे यह कावेरी के दक्षिण का 114वाँ धाम है। अग्नि तीर्थ मन्दिर का सरोवर है और नारत्तै, नींबू जाति का वृक्ष, स्थल-वृक्ष है। संगम कवि पेरेयिल मुरुवलार, जिनके पद पुऱनानूरु और कुऱुन्तोगै में हैं, इसी स्थान का पुराना नाम धारण करते हैं।

दर्शन और यात्रा

तिरुवारूर–मन्नारगुडि मार्ग पर मूलंगुडि पहुँचकर ओगैप्पेरैयूर का मोड़ लें।