01तिरुवारूर के पास अप्पर का धाम
ओगैप्पेरैयूर, जैसा गाँव अब कहलाता है, तिरुवारूर–मन्नारगुडि मार्ग से हटकर है। इसका एक तेवारम पदिगम अप्पर का है, जिससे यह कावेरी के दक्षिण का 114वाँ धाम है। अग्नि तीर्थ मन्दिर का सरोवर है और नारत्तै, नींबू जाति का वृक्ष, स्थल-वृक्ष है। संगम कवि पेरेयिल मुरुवलार, जिनके पद पुऱनानूरु और कुऱुन्तोगै में हैं, इसी स्थान का पुराना नाम धारण करते हैं।
तिरुवारूर–मन्नारगुडि मार्ग पर मूलंगुडि पहुँचकर ओगैप्पेरैयूर का मोड़ लें।




