उत्खनित

अमरावती (धान्यकटक) और महाचैत्य

कृष्णा तट पर धान्यकटक, सातवाहनों का राजनगर, जिसके महास्तूप से प्राचीन भारत के कुछ सबसे सुन्दर शिल्प मिले। पास ही अमरेश्वर मंदिर है, शिव के पाँच पंचाराम क्षेत्रों में से एक।

निर्माण: स्तूप लगभग तीसरी शताब्दी ई.पू. से, सातवाहनों के समय पहली–तीसरी शताब्दी ई. में विस्तारस्थान: आंध्र प्रदेशदेवता: बौद्ध महाचैत्य; पास में भगवान शिव का अमरेश्वर मंदिर16.57° N, 80.36° E
  1. लगभग तीसरी शताब्दी ई.पू.
  2. दूसरी शताब्दी ई.
  3. 1797
  4. 1859
चित्र: Adityamadhav83 · CC BY-SA 3.0

01महाचैत्य

स्तूप के अभिलेख इसे धान्यकटक का महाचैत्य कहते हैं। यहाँ मिला मौर्य स्तम्भ-लेख का एक टुकड़ा बताता है कि तीसरी शताब्दी ई.पू. तक यह स्थल पूजनीय था। सातवाहनों के समय, विशेषकर दूसरी शताब्दी ई. में वासिष्ठीपुत्र पुळुमावि और उनके उत्तराधिकारियों के समय, स्तूप पर हल्के हरे-सफ़ेद चूना-पत्थर की परत चढ़ी, जिस पर बुद्ध का जीवन, भीड़, महल, हाथी और नदी के दृश्य तराशे गए, जिसे आज अमरावती शैली कहते हैं। इसके शिल्पी और उनकी शैली व्यापारियों के साथ लंका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक गई। बौद्धों के लिए यह पवित्र भूमि है; हर भारतीय के लिए शिल्पकला का एक शिखर।

02खोदा गया, फिर ले जाया गया

18वीं शताब्दी के अंत तक इस टीले को भवन-पत्थर के लिए खोदा जा रहा था। कॉलिन मैकेंज़ी ने इसे 1797 में देखा और 1816 में इसका सर्वेक्षण किया। वॉल्टर इलियट ने 1845 में फिर खुदाई की, और उनकी खोजें मद्रास और फिर 1859 में लंदन गईं, जहाँ वे आज ब्रिटिश संग्रहालय में हैं; दूसरी शिलाएँ चेन्नई के सरकारी संग्रहालय और अमरावती के स्थल-संग्रहालय में हैं। स्तूप-स्थल के पास अमरेश्वर मंदिर है। पंचाराम कथा के अनुसार जब कार्तिकेय ने असुर तारकासुर के धारण किए लिंग को तोड़ा, तो उसके टुकड़े आंध्र में पाँच स्थानों पर गिरे, और अमरावती उनमें से एक है।

इस स्थान की जीवन-गाथा

  1. लगभग तीसरी शताब्दी ई.पू.मौर्य काल का स्तम्भ-लेख स्थल को चिह्नित करता है।
  2. दूसरी शताब्दी ई.सातवाहनों के समय स्तूप पर तराशे चूना-पत्थर की परत चढ़ी।
  3. 1797कॉलिन मैकेंज़ी ने टीले को पत्थर के लिए खोदा जाता पाया।
  4. 1859इलियट की शिलाएँ लंदन भेजी गईं।
दर्शन और यात्रा

अमरावती गाँव में स्तूप-टीले के पास ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का संग्रहालय है, विजयवाड़ा से लगभग 35 किमी; अमरेश्वर मंदिर पैदल दूरी पर है।