एक पिता के बिपुल कुमारा । होहिं पृथक गुन सील अचारा ॥
कोउ पंडिंत कोउ तापस ज्ञाता । कोउ धनवन्त सूर कोउ दाता ॥
eka pitā ke bipula kumārā | hohiṃ pṛthaka guna sīla acārā ||
kou paṃḍiṃta kou tāpasa jñātā | kou dhanavanta sūra kou dātā ||
6 श्लोक · 87 में से 130
श्रीराम भुशुण्डि को एक दृष्टान्त देते हैं। एक पिता के अनेक पुत्र होते हैं, जिनके गुण, शील और आचरण अलग-अलग हैं। कोई पण्डित, कोई धनवान, कोई शूर। पिता का प्रेम सब पर समान होता है। पर कोई पुत्र मन, वचन और कर्म से पिता का भक्त है और सपने में भी दूसरा धर्म नहीं जानता। वह पुत्र पिता को प्राणों के समान प्रिय होता है। इसी प्रकार देवता, मनुष्य और असुर सहित सब जीव, यह सारा विश्व मेरा रचा है और सब पर मेरी बराबर दया है। पर उनमें जो मद और माया छोड़कर मन, वचन और काया से मुझे भजता है, पुरुष, स्त्री या कोई भी जीव, मुझे परम प्रिय है। हे खग, सब आशा-भरोसा छोड़कर मुझे भजो।
एक पिता के बिपुल कुमारा । होहिं पृथक गुन सील अचारा ॥
कोउ पंडिंत कोउ तापस ज्ञाता । कोउ धनवन्त सूर कोउ दाता ॥
eka pitā ke bipula kumārā | hohiṃ pṛthaka guna sīla acārā ||
kou paṃḍiṃta kou tāpasa jñātā | kou dhanavanta sūra kou dātā ||
कोउ सर्बज्ञ धर्म-रत कोई । सब पर पितहि प्रीति सम होई ॥
कोउ पितु भगत बचन मन कर्मा । सपनेहुँ जान न दूसर धर्मा ॥
kou sarbajña dharma-rata koī | saba para pitahi prīti sama hoī ||
kou pitu bhagata bacana mana karmā | sapanehum̐ jāna na dūsara dharmā ||
सो सुत प्रिय पितु प्रान समाना । जद्यपि सो सब भाँति अयाना ॥
एहि बिधि जीव चराचर जेते । त्रिजग देव नर असुर समेते ॥
so suta priya pitu prāna samānā | jadyapi so saba bhām̐ti ayānā ||
ehi bidhi jīva carācara jete | trijaga deva nara asura samete ||
अखिल विस्व यह मोर उपाया । सब पर मोहि बराबरि दाया ॥
तिन्ह महँ जो परिहरि मद माया । भजै मोहि मन बच अरू काया ॥
akhila visva yaha mora upāyā | saba para mohi barābari dāyā ||
tinha maham̐ jo parihari mada māyā | bhajai mohi mana baca arū kāyā ||
पुरुष नपुंसक नारि वा, जीव चराचर कोइ ।
सर्व भाव भज कपट तजि, मोहि परम प्रिय सोइ ॥
puruṣa napuṃsaka nāri vā, jīva carācara koi |
sarva bhāva bhaja kapaṭa taji, mohi parama priya soi ||
सत्य कहउँ खग तोहि, सुचि सेवक मम मान प्रिय ।
अस बिचारि भजु मोहि, परिहरि आस भरोस सब ॥
satya kahaum̐ khaga tohi, suci sevaka mama māna priya |
asa bicāri bhaju mohi, parihari āsa bharosa saba ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0