जेहि विधि कपिपति कीस पठाये । सीता खोज सकल दिसि धाये ॥
बिबर प्रबेस कीन्ह जेहि भाँती । कपिन्ह बहोरि मिला सम्पाती ॥
jehi vidhi kapipati kīsa paṭhāye | sītā khoja sakala disi dhāye ||
bibara prabesa kīnha jehi bhām̐tī | kapinha bahori milā sampātī ||
6 श्लोक · 67 में से 130
भगवान शिव बताते हैं कि भुशुण्डि ने गरुड़ से आगे कहा। वानरराज ने जैसे वानरों को भेजा और वे सीता की खोज में सब दिशाओं में दौड़े; जैसे गुफा में प्रवेश किया और फिर सम्पाती मिले। सारी कथा सुनकर पवनपुत्र अपार समुद्र लाँघ गए, लंका में प्रवेश किया, सीता को धीरज दिया, वन उजाड़ा, रावण को समझाया, नगर जलाया और फिर समुद्र लाँघ आए। सब वानर रघुराई के पास आए और वैदेही की कुशल सुनाई। फिर सेना सहित रघुवीर समुद्र-तट पर उतरे, विभीषण आकर मिले, और सागर के निग्रह की कथा कही। सेतु बाँधकर वानर-सेना पार उतरी, वीर अंगद दूत बनकर गए, राक्षसों और वानरों की लड़ाई अनेक प्रकार से बखानी गई, और कुम्भकर्ण तथा मेघनाद का बल, पौरुष और संहार कहा गया।
जेहि विधि कपिपति कीस पठाये । सीता खोज सकल दिसि धाये ॥
बिबर प्रबेस कीन्ह जेहि भाँती । कपिन्ह बहोरि मिला सम्पाती ॥
jehi vidhi kapipati kīsa paṭhāye | sītā khoja sakala disi dhāye ||
bibara prabesa kīnha jehi bhām̐tī | kapinha bahori milā sampātī ||
सुनि सब कथा समीरकुमारा । नाघत भयउ पयोधि अपारा ॥
लंकाँ कपि प्रबेस जिमि कीन्हा । पुनि सीतहि धीरज जिमि दीन्हा ॥
suni saba kathā samīrakumārā | nāghata bhayau payodhi apārā ||
laṃkām̐ kapi prabesa jimi kīnhā | puni sītahi dhīraja jimi dīnhā ||
बन उजारि रावनहि प्रबोधी । पुर दहि नाघेउ बहुरि पयोधी ॥
आये कपि सब जहँ रघुराई । बैदेही कि कुसल सुनाई ॥
bana ujāri rāvanahi prabodhī | pura dahi nāgheu bahuri payodhī ||
āye kapi saba jaham̐ raghurāī | baidehī ki kusala sunāī ||
सेन समेत जथा रघुबीरा । उतरे जाइ बारिनिधि तीरा ॥
मिला बिभीषन जेहि निधि आई । सागर निग्रह कथा सुनाई ॥
sena sameta jathā raghubīrā | utare jāi bārinidhi tīrā ||
milā bibhīṣana jehi nidhi āī | sāgara nigraha kathā sunāī ||
सेतु बाँधि कपि सेन जिमि, उतरी सागर पार ।
गयउ बसीठी बीरबर, जेहि बिधि बालिकुमार ॥
setu bām̐dhi kapi sena jimi, utarī sāgara pāra |
gayau basīṭhī bīrabara, jehi bidhi bālikumāra ||
निसिचर कीस लराई, बरनिसि बिबिध प्रकार ।
कुम्भकरन घननाद कर, बल पौरुष संघार ॥
nisicara kīsa larāī, baranisi bibidha prakāra |
kumbhakarana ghananāda kara, bala pauruṣa saṃghāra ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0