मामवलोकय पङ्कज-लोचन । कृपा बिलोकनि सोच बिमोचन ॥
नील तामरस स्याम काम अरि । हृदय कञ्ज मकरन्द मधुप हरि ॥
māmavalokaya paṅkaja-locana | kṛpā bilokani soca bimocana ||
nīla tāmarasa syāma kāma ari | hṛdaya kañja makaranda madhupa hari ||
6 श्लोक · 51 में से 130
अमराई में नारद का गान सीधी स्तुति है। हे कमलनयन, मेरी ओर देखिए, आपकी कृपा-दृष्टि शोक छुड़ाती है। नील कमल-से श्याम हरि, शिव के हृदय-कमल का मकरन्द पीने वाले भौंरे। आप राक्षसों के झुण्ड का बल तोड़ते हैं, मुनियों को आनन्द देते हैं, पापों का नाश करते हैं; ब्राह्मणों के लिए नए मेघ, अशरण की शरण। आपकी भुजाओं ने पृथ्वी का भार काटा; खर, दूषण और विराध को मारा; आप रावण के शत्रु और दशरथ-कुल रूपी कुमुदों के चन्द्रमा हैं। वेद और पुराण आपका यश जानते हैं। आपका नाम कलियुग के मल को मथ डालता है। तुलसीदास भी शरण की विनती जोड़ते हैं। फिर नारद प्रभु को हृदय में रखकर ब्रह्मलोक चले गए।
मामवलोकय पङ्कज-लोचन । कृपा बिलोकनि सोच बिमोचन ॥
नील तामरस स्याम काम अरि । हृदय कञ्ज मकरन्द मधुप हरि ॥
māmavalokaya paṅkaja-locana | kṛpā bilokani soca bimocana ||
nīla tāmarasa syāma kāma ari | hṛdaya kañja makaranda madhupa hari ||
जातुधान बरूथ बल भञ्जन । मुनि सज्जन रंजन अघ गञ्जन ॥
भूसुर ससि नव बृन्द बलाहक । असरन सरन दीन जन गाहक ॥
jātudhāna barūtha bala bhañjana | muni sajjana raṃjana agha gañjana ||
bhūsura sasi nava bṛnda balāhaka | asarana sarana dīna jana gāhaka ||
भुज बल बिपुल भार महि खंडित । खर दूषन बिराध बध पंडित ॥
रावनारि सुख रूप भूप बर । जय दसरथ-कुल-कुमुद सुधाकर ॥
bhuja bala bipula bhāra mahi khaṃḍita | khara dūṣana birādha badha paṃḍita ||
rāvanāri sukha rūpa bhūpa bara | jaya dasaratha-kula-kumuda sudhākara ||
सुजस पुरान बिदित निगमागम । गावत सुर मुनि सन्त-समागम ॥
कारुनीक ब्यलीक मद खंडन । सब बिधि कुसल कोसला-मंडन ॥
sujasa purāna bidita nigamāgama | gāvata sura muni santa-samāgama ||
kārunīka byalīka mada khaṃḍana | saba bidhi kusala kosalā-maṃḍana ||
कलि मल मथन नाम ममताहन । तुलसिदास प्रभु पाहि प्रनत-जन ॥
kali mala mathana nāma mamatāhana | tulasidāsa prabhu pāhi pranata-jana ||
प्रेम सहित मुनि नारद, बरनि राम-गुन-ग्राम ।
सोभासिंधु हृदयँ धरि, गये जहाँ विधि धाम ॥
prema sahita muni nārada, barani rāma-guna-grāma |
sobhāsiṃdhu hṛdayam̐ dhari, gaye jahām̐ vidhi dhāma ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0