सुनहु असन्तन्ह केर सुभाऊ । भूलेहुँ सङ्गति करिय न काऊ ॥
तिन्ह कर सङ्ग सदा दुखदाई । जिमि कलपहि घालइ हरहाई ॥
sunahu asantanha kera subhāū | bhūlehum̐ saṅgati kariya na kāū ||
tinha kara saṅga sadā dukhadāī | jimi kalapahi ghālai harahāī ||
5 श्लोक · 39 में से 130
अब असन्तों का स्वभाव सुनो, श्रीराम कहते हैं, और भूलकर भी उनकी संगति मत करना; वह ऐसे बिगाड़ती है जैसे बुरी गाय अच्छी गाय को। दूसरों की सम्पत्ति देखकर वे जलते हैं, और पराई निन्दा सुनकर ऐसे प्रसन्न होते हैं मानो रास्ते में खजाना मिल गया हो। वे काम, क्रोध, मद और लोभ में लगे, निर्दयी और कुटिल हैं। बिना कारण सबसे वैर करते हैं, भलाई करने वाले से भी। उनका लेना, देना, भोजन और चबेना सब झूठा है। वे मोर की तरह मीठा बोलते हैं, जो बड़े साँपों को खा जाता है, क्योंकि उनका हृदय कठोर है। पराई स्त्री और पराए धन पर दृष्टि रखने वाले, निन्दक ऐसे मनुष्य देहधारी राक्षस हैं।
सुनहु असन्तन्ह केर सुभाऊ । भूलेहुँ सङ्गति करिय न काऊ ॥
तिन्ह कर सङ्ग सदा दुखदाई । जिमि कलपहि घालइ हरहाई ॥
sunahu asantanha kera subhāū | bhūlehum̐ saṅgati kariya na kāū ||
tinha kara saṅga sadā dukhadāī | jimi kalapahi ghālai harahāī ||
खलन्ह हृदयँ अति ताप बिसेषी । जरहिं सदा पर-सम्पति देखी ॥
जहँ कहुँ निन्दा सुनहिँ पराई । हरषहिँ मनहुँ परी निधि पाई ॥
khalanha hṛdayam̐ ati tāpa biseṣī | jarahiṃ sadā para-sampati dekhī ||
jaham̐ kahum̐ nindā sunahim̐ parāī | haraṣahim̐ manahum̐ parī nidhi pāī ||
काम क्रोध मद लोभ परायन । निर्दय कपटी कुटिल मलायन ॥
बयर अकारन सब काहू सों । जो कर हित अनहित ताहू सों ॥
kāma krodha mada lobha parāyana | nirdaya kapaṭī kuṭila malāyana ||
bayara akārana saba kāhū soṃ | jo kara hita anahita tāhū soṃ ||
झूठइ लेना झूठइ देना । झूठइ भोजन झूठ चबेना ॥
बोलहिँ मधुर बचन जिमि मोरा । खाइ महा अति हृदय कठोरा ॥
jhūṭhai lenā jhūṭhai denā | jhūṭhai bhojana jhūṭha cabenā ||
bolahim̐ madhura bacana jimi morā | khāi mahā ati hṛdaya kaṭhorā ||
पर द्रोही पर दार रत, पर-धन पर अपवाद ।
ते नर पाँवर पापमय, देह धरें मनुजाद ॥
para drohī para dāra rata, para-dhana para apavāda |
te nara pām̐vara pāpamaya, deha dhareṃ manujāda ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0