बिषय अलम्पट सील गुनाकर । पर दुख दुख सुख सुख देखे पर ॥
सम अभूतरिपु बिमद बिरागी । लोभामरष हरष भय त्यागी ॥
biṣaya alampaṭa sīla gunākara | para dukha dukha sukha sukha dekhe para ||
sama abhūtaripu bimada birāgī | lobhāmaraṣa haraṣa bhaya tyāgī ||
5 श्लोक · 38 में से 130
श्रीराम लक्षण गिनाते हैं। सन्त विषयों में लिप्त नहीं होते, दूसरे के दुःख से दुखी और दूसरे के सुख से सुखी होते हैं। वे समदर्शी हैं, उनका कोई शत्रु नहीं, और वे मद, लोभ, क्रोध और भय छोड़ चुके हैं। उनका चित्त कोमल है, दीनों पर दया करते हैं, और मेरी निष्कपट भक्ति करते हैं। वे सबको मान देते हैं, स्वयं मान नहीं चाहते; हे भरत, ऐसे प्राणी मुझे प्राणों के समान प्रिय हैं। वे कामनारहित, मेरे नाम में लीन, शान्त, विनम्र, सरल, सबके मित्र और ब्राह्मण-चरणों के प्रेमी हैं। वे संयम से नहीं डिगते, कभी कठोर वचन नहीं बोलते। निन्दा और स्तुति उन्हें समान हैं, ममता केवल मेरे चरणों में है।
बिषय अलम्पट सील गुनाकर । पर दुख दुख सुख सुख देखे पर ॥
सम अभूतरिपु बिमद बिरागी । लोभामरष हरष भय त्यागी ॥
biṣaya alampaṭa sīla gunākara | para dukha dukha sukha sukha dekhe para ||
sama abhūtaripu bimada birāgī | lobhāmaraṣa haraṣa bhaya tyāgī ||
कोमलचित दीनन्ह पर दाया । मन बच क्रम मम भगति अमाया ॥
सबहि, मानप्रद आपु अमानी । भरत प्रान सम मम ते पानी ॥
komalacita dīnanha para dāyā | mana baca krama mama bhagati amāyā ||
sabahi, mānaprada āpu amānī | bharata prāna sama mama te pānī ||
बिगत काम मम नाम परायन । सान्ति बिरति बिनती मुदितायन ॥
सीतलता सरलता मयत्री । द्विज-पद प्रीति धरम जनयत्री ॥
bigata kāma mama nāma parāyana | sānti birati binatī muditāyana ||
sītalatā saralatā mayatrī | dvija-pada prīti dharama janayatrī ||
ये सब लच्छन बसहिँ जासु उर । जानेहु तात, सन्त सन्तत फुर ॥
सम दम नियम नीति नहिं डोलहिँ । परुष बचन कबहूँ नहिँ बोलहिँ ॥
ye saba lacchana basahim̐ jāsu ura | jānehu tāta, santa santata phura ||
sama dama niyama nīti nahiṃ ḍolahim̐ | paruṣa bacana kabahūm̐ nahim̐ bolahim̐ ||
निन्दा अस्तुति उभय सम, ममता मम पद कञ्ज ।
से सज्जन मम प्रानप्रिय, गुन मन्दिर सुख पुञ्ज ॥
nindā astuti ubhaya sama, mamatā mama pada kañja |
se sajjana mama prānapriya, guna mandira sukha puñja ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0