सोइ सर्वज्ञ गुनी सोइ ज्ञाता । सोइ महि मंडित पंडित दाता ॥
धर्म परायन सोइ कुल त्राता । राम चरन जा कर मन राता ॥
soi sarvajña gunī soi jñātā | soi mahi maṃḍita paṃḍita dātā ||
dharma parāyana soi kula trātā | rāma carana jā kara mana rātā ||
5 श्लोक · 127 में से 130
भगवान शिव उमा से आगे कहते हैं। जिसका मन राम के चरणों में रमा है, वही सर्वज्ञ, ज्ञाता, पण्डित और दाता है, वही धर्मपरायण और कुल का रक्षक है। उसी ने श्रुति का सिद्धान्त ठीक जाना है; वही कवि और रणधीर है जो छल छोड़कर रघुवीर को भजता है। फिर धन्यता की लड़ी आती है। धन्य वह देश जहाँ गंगा बहती है, धन्य वह नारी जो पतिव्रत निभाती है, धन्य वह राजा जो नीति से चलता है, धन्य वह ब्राह्मण जो अपने धर्म से नहीं डिगता। धन्य वह धन जिसकी पहली गति दान है, धन्य वह घड़ी जब सत्संग हो। हे उमा, वह कुल धन्य और जगत-पूज्य है जिसमें श्रीरघुवीर-परायण विनम्र जन जन्मे।
सोइ सर्वज्ञ गुनी सोइ ज्ञाता । सोइ महि मंडित पंडित दाता ॥
धर्म परायन सोइ कुल त्राता । राम चरन जा कर मन राता ॥
soi sarvajña gunī soi jñātā | soi mahi maṃḍita paṃḍita dātā ||
dharma parāyana soi kula trātā | rāma carana jā kara mana rātā ||
नीति निपुन सोइ परम सयाना । श्रुति सिद्धान्त नीक तेहिं जाना ॥
सोइ कबि कोबिद सोइ रनधीरा । जो छल छाडि भजइ रघुबीरा ॥
nīti nipuna soi parama sayānā | śruti siddhānta nīka tehiṃ jānā ||
soi kabi kobida soi ranadhīrā | jo chala chāḍi bhajai raghubīrā ||
धन्य देस सो जहँ सुरसरी । धन्य नारि पतिव्रत अनुसरी ॥
धन्य सो भूप नीति जो करई । धन्य सो द्विज निज धर्म न टरई ॥
dhanya desa so jaham̐ surasarī | dhanya nāri pativrata anusarī ||
dhanya so bhūpa nīti jo karaī | dhanya so dvija nija dharma na ṭaraī ||
सो धन धन्य प्रथम गति जाकी । धन्य पुन्य रत मति सोइ पाकी ॥
धन्य घरी सोइ जब सतसङ्गा । धन्य जनम द्विज भगति अभंगा ॥
so dhana dhanya prathama gati jākī | dhanya punya rata mati soi pākī ||
dhanya gharī soi jaba satasaṅgā | dhanya janama dvija bhagati abhaṃgā ||
सो कुल धन्य उमा सुनु, जगत पूज्य सुपुनीत ।
श्रीरघुबीर परायन, जेहिं नर उपज बिनीत ॥
so kula dhanya umā sunu, jagata pūjya supunīta |
śrīraghubīra parāyana, jehiṃ nara upaja binīta ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0