सुन्दरकाण्ड

अध्याय 48: श्रीराम बताते हैं, कौन उन्हें प्रिय है

5 श्लोक · 48 में से 60

इस अध्याय में क्या होता है

श्रीराम बताते हैं, कौन उन्हें प्रिय है

श्रीराम कहते हैं, सखा, मेरा स्वभाव सुनो, जिसे भुशुण्डि, शम्भु और गिरिजा जानते हैं। चराचर का द्रोही भी डरकर मेरी शरण आए और मद, मोह, कपट छोड़ दे, तो मैं उसे शीघ्र साधु के समान कर देता हूँ। माता, पिता, भाई, पुत्र, पत्नी, शरीर, धन, घर और मित्र, इन सबकी ममता के धागे बटोरकर, डोरी बटकर जो मन को मेरे चरणों में बाँध दे, जो समदर्शी हो, इच्छा रहित हो, जिसके मन में हर्ष, शोक और भय न हो, वह सज्जन मेरे हृदय में वैसे बसता है जैसे लोभी के मन में धन। तुम जैसे सन्त मुझे प्रिय हैं। सगुण के उपासक, परहित में लगे और नीति में दृढ़ लोग मुझे प्राणों के समान प्रिय हैं।

48.1

सुनहु सखा निज कहउँ सुभाऊ । जान भुसुंडि सम्भु गिरिजाऊँ ॥
जौं नर होइ चराचर द्रोही । आवइ सभय सरन तकि मोही ॥

sunahu sakhā nija kahaum̐ subhāū | jāna bhusuṃḍi sambhu girijāūm̐ ||
jauṃ nara hoi carācara drohī | āvai sabhaya sarana taki mohī ||

48.2

तजि मद मोह कपट छल नाना । करउँ सदा तेहि साधु समाना ॥
जननी जनक बन्धु सुत दारा । तन धन भवन सुह्रद परिवारा ॥

taji mada moha kapaṭa chala nānā | karaum̐ sadā tehi sādhu samānā ||
jananī janaka bandhu suta dārā | tana dhana bhavana suhrada parivārā ||

48.3

सब के ममता ताग बटोरी । मम पद मनहि बाँध बरि डोरी ॥
समदरसी इच्छा कछु नाहीँ । हरष सोक भय नहिँ मन माहीँ ॥

saba ke mamatā tāga baṭorī | mama pada manahi bām̐dha bari ḍorī ||
samadarasī icchā kachu nāhīm̐ | haraṣa soka bhaya nahim̐ mana māhīm̐ ||

48.4

अस सज्जन मम उर बस कैसें । लोभी हृदयँ बसइ धनु जैसें ॥
तुम्ह सारिखे सन्त प्रिय मोरें । धरउँ देह नहिँ आन निहोरें ॥

asa sajjana mama ura basa kaiseṃ | lobhī hṛdayam̐ basai dhanu jaiseṃ ||
tumha sārikhe santa priya moreṃ | dharaum̐ deha nahim̐ āna nihoreṃ ||

दो॰ 48दोहा

सगुन उपासक पर-हित, निरत नीति दृढ़ नेम ।
ते नर प्रान समान मम, जिन्ह कें द्विज-पद प्रेम ॥

saguna upāsaka para-hita, nirata nīti dṛr̤ha nema |
te nara prāna samāna mama, jinha keṃ dvija-pada prema ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0