सुन्दरकाण्ड

अध्याय 47: विभीषण का अहोभाग्य

5 श्लोक · 47 में से 60

इस अध्याय में क्या होता है

विभीषण का अहोभाग्य

विभीषण कहते हैं, जब तक हृदय में धनुष बाण और तरकश धारण किए रघुनाथ नहीं बसते, तब तक लोभ, मोह, मत्सर, मद और मान जैसे दुष्ट वहाँ बसते हैं। राग और द्वेष रूपी उल्लुओं को सुख देने वाली ममता की अंधेरी रात तब तक रहती है जब तक प्रभु के प्रताप का सूर्य नहीं उगता। आपके चरणकमल देखकर मेरे भारी भय मिट गए, जिस पर आप अनुकूल हों उसे संसार के तीनों दुख नहीं व्यापते। मैं नीच स्वभाव का राक्षस हूँ, कभी शुभ आचरण नहीं किया, फिर भी जिन्हें मुनि ध्यान में नहीं पाते, उन प्रभु ने मुझे हर्ष से हृदय से लगाया। मेरा भाग्य अपार है कि ब्रह्मा और शिव जिनकी सेवा करते हैं, वे चरणकमल मैंने आँखों से देखे।

47.1

तब लगि हृदयँ बसत खल नाना । लोभ मोह मच्छर मद माना ॥
जब लगि उर न बसत रघुनाथा । धरें चाप सायक कटि भाथा ॥

taba lagi hṛdayam̐ basata khala nānā | lobha moha macchara mada mānā ||
jaba lagi ura na basata raghunāthā | dhareṃ cāpa sāyaka kaṭi bhāthā ||

47.2

ममता तरुन तमी अँधिआरी । राग द्वेष उलूक सुखकारी ॥
तब लगि बसति जीव मन माहीं । जब लगि प्रभु प्रताप रवि नाहीं ॥

mamatā taruna tamī am̐dhiārī | rāga dveṣa ulūka sukhakārī ||
taba lagi basati jīva mana māhīṃ | jaba lagi prabhu pratāpa ravi nāhīṃ ||

47.3

अब मैं कुसल मिटे भय भारे । देखि राम-पद-कमल तुम्हारे ॥
तुम्ह कृपाल जा पर अनुकूला । ताहि न व्याप त्रिबिधि भव सूला ॥

aba maiṃ kusala miṭe bhaya bhāre | dekhi rāma-pada-kamala tumhāre ||
tumha kṛpāla jā para anukūlā | tāhi na vyāpa tribidhi bhava sūlā ||

47.4

मैँ निसिचर अति अधम सुभाऊ । सुभ आचरन कीन्ह नहिँ काऊ ॥
जासु रूप मुनि ध्यान न आवा । तेहिं प्रभु हरषि हृदयँ मोहि लावा ॥

maim̐ nisicara ati adhama subhāū | subha ācarana kīnha nahim̐ kāū ||
jāsu rūpa muni dhyāna na āvā | tehiṃ prabhu haraṣi hṛdayam̐ mohi lāvā ||

दो॰ 47दोहा

अहोभाग्य मम अमित अति, राम कृपा सुख पुंज ।
देखेउँ नयन बिरंचि सिव, सेव्य जुगल पद कञ्ज ॥

ahobhāgya mama amita ati, rāma kṛpā sukha puṃja |
dekheum̐ nayana biraṃci siva, sevya jugala pada kañja ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0