सुन्दरकाण्ड

अध्याय 36: मन्दोदरी की रावण से विनती

6 श्लोक · 36 में से 60

इस अध्याय में क्या होता है

मन्दोदरी की रावण से विनती

लंका जलने के बाद राक्षसों के घर घर में बात है कि कुल का उद्धार नहीं, जिसका दूत इतना बली है, उसके आने पर क्या भला होगा? दूतियों से यह सुनकर मन्दोदरी बहुत व्याकुल होती है। एकान्त में पति के चरण पकड़कर कहती है, स्वामी, हरि से बैर छोड़ दो। जिसके दूत की करनी सोचकर राक्षसियों के गर्भ गिर जाते हैं, भला चाहते हो तो उसकी पत्नी को मन्त्रियों के साथ लौटा दो। सीता तुम्हारे कुल रूपी कमलवन पर जाड़े की रात बनकर आई है, उसे लौटाए बिना शम्भु और ब्रह्मा भी तुम्हें नहीं बचा सकते। राम के बाण साँप हैं और राक्षस मेंढक, निगले जाने से पहले उपाय कर लो।

36.1

उहाँ निसाचर रहहिं ससङ्का । जब तें जारि गयउ कपि लड्डा ॥
निज निज गृहँ सब करहिँ विचारा । नहिं निसिचर कुल केर उबारा ॥

uhām̐ nisācara rahahiṃ sasaṅkā | jaba teṃ jāri gayau kapi laḍḍā ||
nija nija gṛham̐ saba karahim̐ vicārā | nahiṃ nisicara kula kera ubārā ||

36.2

जासु दूत बल बरनि न जाई । तेहि आये पुर कवन भलाई ॥
दूतन्हि सन सुनि पुरजन बानी । मन्दोदरी अधिक अकुलानी ॥

jāsu dūta bala barani na jāī | tehi āye pura kavana bhalāī ||
dūtanhi sana suni purajana bānī | mandodarī adhika akulānī ||

36.3

रहसि जोरि कर पति पद लागी । बोली बचन नीति-रस पागी ॥
कन्त करष हरि सन परिहरहू । मोर कहा अति हित हियँ धरहु ॥

rahasi jori kara pati pada lāgī | bolī bacana nīti-rasa pāgī ||
kanta karaṣa hari sana pariharahū | mora kahā ati hita hiyam̐ dharahu ||

36.4

समुझत जासु दूत कइ करनी । स्रवहिं गर्भ रजनीचर-धरनी ॥
तासु नारि निज सचिव बोलाई । पठवहु कन्त जौँ चहहु भलाई ॥

samujhata jāsu dūta kai karanī | sravahiṃ garbha rajanīcara-dharanī ||
tāsu nāri nija saciva bolāī | paṭhavahu kanta jaum̐ cahahu bhalāī ||

36.5

तब कुल कमल-विपिन दुखदाई । सीता सीत-निसा सम आई ॥
सुनहु नाथ सीता बिनु दीन्हें । हित न तुम्हार सम्भु अज कीन्हें ॥

taba kula kamala-vipina dukhadāī | sītā sīta-nisā sama āī ||
sunahu nātha sītā binu dīnheṃ | hita na tumhāra sambhu aja kīnheṃ ||

दो॰ 36दोहा

राम बान अहि गन सरिस, निकर निसाचर भेक ।
जब लगि ग्रसत न तब लगि, जतन करहु तजि टेक ॥

rāma bāna ahi gana sarisa, nikara nisācara bheka |
jaba lagi grasata na taba lagi, jatana karahu taji ṭeka ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0