जौँ न होति सीता सुधि पाई । मधुबन के फल सकहिँ कि खाई ॥
एहि विधि मन बिचार कर राजा । आइ गए कपि सहित समाजा ॥
jaum̐ na hoti sītā sudhi pāī | madhubana ke phala sakahim̐ ki khāī ||
ehi vidhi mana bicāra kara rājā | āi gae kapi sahita samājā ||
5 श्लोक · 29 में से 60
सुग्रीव सोचते हैं, सीता की सुध न मिली होती तो क्या ये मधुबन के फल खा सकते थे? इतने में वानर दल आकर चरणों में सिर नवाता है और कपीश प्रेम से सबसे मिलते हैं। वानर कहते हैं, राम की कृपा से काम पूरा हुआ, नाथ, यह हनुमान ने किया और सबके प्राण बचाए। सुग्रीव फिर हनुमान से मिलते हैं और सबको लेकर रघुपति के पास चलते हैं। उन्हें आता देख श्रीराम काम हुआ जानकर हर्षित होते हैं। दोनों भाई स्फटिक शिला पर बैठे हैं, सब कपि चरणों में गिरते हैं। करुणा के पुंज रघुपति प्रेम से सबसे मिलकर कुशल पूछते हैं। वे कहते हैं, नाथ, आपके चरणकमल देखकर अब हम कुशल हैं।
जौँ न होति सीता सुधि पाई । मधुबन के फल सकहिँ कि खाई ॥
एहि विधि मन बिचार कर राजा । आइ गए कपि सहित समाजा ॥
jaum̐ na hoti sītā sudhi pāī | madhubana ke phala sakahim̐ ki khāī ||
ehi vidhi mana bicāra kara rājā | āi gae kapi sahita samājā ||
आइ सबन्हि नावा पद सीसा । मिलेउ सबन्हि अति प्रीति कपीसा ॥
पूछी कुसल कुसल पद देखी । राम कृपाँ भा काज बिसेखी ॥
āi sabanhi nāvā pada sīsā | mileu sabanhi ati prīti kapīsā ||
pūchī kusala kusala pada dekhī | rāma kṛpām̐ bhā kāja bisekhī ||
नाथ काज कीन्हेउ हनुमाना । राखे सकल कपिन्ह के प्राना ॥
सुनि सुग्रीव बहुरि तेहि मिलेऊ । कपिन्ह सहित रघुपति पहिँ चलेऊ ॥
nātha kāja kīnheu hanumānā | rākhe sakala kapinha ke prānā ||
suni sugrīva bahuri tehi mileū | kapinha sahita raghupati pahim̐ caleū ||
राम कपिन्ह जब आवत देखा । किये काज मन हरष बिसेखा ॥
फटिक सिला बैठे दोउ भाई । परे सकल कपि चरनन्हि जाई ॥
rāma kapinha jaba āvata dekhā | kiye kāja mana haraṣa bisekhā ||
phaṭika silā baiṭhe dou bhāī | pare sakala kapi carananhi jāī ||
प्रीति सहित सब भेटे, रघुपति करुना पुञ्ज ।
पूछी कुसल नाथ अब, कुसल देखि पद कंज ॥
prīti sahita saba bheṭe, raghupati karunā puñja |
pūchī kusala nātha aba, kusala dekhi pada kaṃja ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0