सठ साखामृग जोरि सहाई । बाँधा सिन्धु इहइ प्रभुताई ॥
नाघहिं खग अनेक बारीसा । सूर न होहिँ ते सुनु सब कीसा ॥
saṭha sākhāmṛga jori sahāī | bām̐dhā sindhu ihai prabhutāī ||
nāghahiṃ khaga aneka bārīsā | sūra na hohim̐ te sunu saba kīsā ||
5 श्लोक · 28 में से 121
रावण उपहास करता है: बन्दरों को जुटाकर समुद्र बाँध लिया, यही तेरे स्वामी की प्रभुता है। अनेक पक्षी समुद्र लाँघते हैं, इससे कोई शूर नहीं होता। मेरी भुजाएँ बल के बीस अथाह सागर हैं, जिनमें बहुत से देवता और मनुष्य डूब गए। मैंने दिक्पालों से पानी भरवाया, और तू मुझे एक राजकुमार का सुयश सुनाता है! यदि तेरा स्वामी ऐसा वीर है, तो दूत क्यों भेजा? शत्रु से प्रीति करते उसे लाज नहीं आती? शिव का पर्वत मथने वाली मेरी भुजाएँ देख, फिर स्वामी की सराहना कर। रावण जैसा शूर कौन है, जिसने अपने हाथों सिर काटकर हर्ष से अग्नि में होम दिए, जिसके साक्षी गौरीपति हैं?
सठ साखामृग जोरि सहाई । बाँधा सिन्धु इहइ प्रभुताई ॥
नाघहिं खग अनेक बारीसा । सूर न होहिँ ते सुनु सब कीसा ॥
saṭha sākhāmṛga jori sahāī | bām̐dhā sindhu ihai prabhutāī ||
nāghahiṃ khaga aneka bārīsā | sūra na hohim̐ te sunu saba kīsā ||
मम-भुज-सागर बल-जल-पूरा । जहँ बूड़े बहु सुर-नर-सूरा ॥
बीस पयोधि अगाध अपारा । को अस बीर जो पाइहि पारा ॥
mama-bhuja-sāgara bala-jala-pūrā | jaham̐ būr̤e bahu sura-nara-sūrā ||
bīsa payodhi agādha apārā | ko asa bīra jo pāihi pārā ||
दिगपालन्ह मैं नीर भरावा । भूप सुजस खल मोहि सुनावा ॥
जौँ पै समर सुभट तव नाथा । पुनि पुनि कहसि जासु-गुन-गाथा ॥
digapālanha maiṃ nīra bharāvā | bhūpa sujasa khala mohi sunāvā ||
jaum̐ pai samara subhaṭa tava nāthā | puni puni kahasi jāsu-guna-gāthā ||
तौ बसीठ पठवत केहि काजा । रिपु सन प्रीति करत नहिं लाजा ॥
हरगिरि-मथन निरखु-मम बाहू । पुनि सठ कपि निज प्रभुहि सराहू ॥
tau basīṭha paṭhavata kehi kājā | ripu sana prīti karata nahiṃ lājā ||
haragiri-mathana nirakhu-mama bāhū | puni saṭha kapi nija prabhuhi sarāhū ||
सूर कवन रावन सरिस, स्व कर काटि जेहिं सीस ।
हुने अनल अति-हरष बहु,-बार साखि गौरीस ॥
sūra kavana rāvana sarisa, sva kara kāṭi jehiṃ sīsa |
hune anala ati-haraṣa bahu,-bāra sākhi gaurīsa ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0