किष्किन्धाकाण्ड

अध्याय 22: वानर सेना और एक मास की अवधि

5 श्लोक · 22 में से 30

इस अध्याय में क्या होता है

वानर सेना और एक मास की अवधि

शिवजी उमा से कहते हैं, मैंने वह वानर सेना देखी है, जो उसकी गिनती करना चाहे वह मूर्ख है। वानर आकर श्रीराम के चरणों में सिर नवाते हैं और मुख देखकर सब सनाथ हो जाते हैं। सेना में एक भी वानर ऐसा नहीं जिसकी कुशल श्रीराम ने न पूछी हो। शिवजी कहते हैं, इसमें प्रभु की कोई बड़ाई नहीं, रघुराई तो विश्वरूप और सर्वव्यापक हैं। आज्ञा पाकर सब जहाँ-तहाँ खड़े हो जाते हैं और सुग्रीव समझाते हैं: राम के काज और मेरे निहोरे से, हे वानरो, चारों ओर जाओ और जनकसुता को खोजो। एक महीने में लौट आना। जो अवधि बिताकर बिना सुधि लिए आएगा, उसे मेरे हाथों मरना पड़ेगा। यह सुनते ही सब वानर तुरन्त जहाँ-तहाँ चल पड़ते हैं। तब सुग्रीव अंगद, नल और हनुमान को बुलाते हैं।

22.1

बानर कटक उमा मैं देखा । सो मूरुख जो करन चह लेखा ॥
आइ राम पद नावहिं माथा । निरखि बदनु सब होहिँ सनाथा ॥

bānara kaṭaka umā maiṃ dekhā | so mūrukha jo karana caha lekhā ||
āi rāma pada nāvahiṃ māthā | nirakhi badanu saba hohim̐ sanāthā ||

22.2

अस कपि एक न सेना माहीं । राम कुसल जेहि पूछी नाहीँ ॥
यह कछु नहिँ प्रभु के अधिकाई । विस्व-रूप व्यापक रघुराई ॥

asa kapi eka na senā māhīṃ | rāma kusala jehi pūchī nāhīm̐ ||
yaha kachu nahim̐ prabhu ke adhikāī | visva-rūpa vyāpaka raghurāī ||

22.3

ठाढ़े जहँ तहँ आयसु पाई । कह सुग्रीव सबहि समुझाई ॥
राम-काज अरु मोर निहोरा । बानर जूथ जाहु चहुँ ओरा ॥

ṭhār̤he jaham̐ taham̐ āyasu pāī | kaha sugrīva sabahi samujhāī ||
rāma-kāja aru mora nihorā | bānara jūtha jāhu cahum̐ orā ||

22.4

जनक-सुता कह खोजहु जाई । मास दिवस महँ आएहु भाई ॥
अवधि मेटि जो बिनु सुधि पाएँ । आवइ बनिहि सो मोहि मराये ॥

janaka-sutā kaha khojahu jāī | māsa divasa maham̐ āehu bhāī ||
avadhi meṭi jo binu sudhi pāem̐ | āvai banihi so mohi marāye ||

दो॰ 22दोहा

बचन सुनत सब बानर, जहं तहँ चले तुरन्त ।
तब सुग्रीवँ बोलाये, अङ्गद नल हनुमन्त ॥

bacana sunata saba bānara, jahaṃ taham̐ cale turanta |
taba sugrīvam̐ bolāye, aṅgada nala hanumanta ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0