तब मैना हिमवन्त अनन्दे । पुनि पुनि पारबती-पद बन्दे ॥
नारि पुरुष सिसु जुबा सयाने । नगर लोग सब अति हरषाने ॥
taba mainā himavanta anande | puni puni pārabatī-pada bande ||
nāri puruṣa sisu jubā sayāne | nagara loga saba ati haraṣāne ||
6 श्लोक · 99 में से 361
मैना और हिमवान आनन्दित हुए और बार बार पार्वती के चरणों की वन्दना की, सारा नगर हर्षित हुआ। मंगलगीत होने लगे और सोने के कलश सजाए गए। पाकशास्त्र की रीति से अनेक प्रकार की ज्योनार बनी। जिस घर में माता भवानी रहती हों, वहाँ की ज्योनार का वर्णन कैसे हो? विष्णु, ब्रह्मा और सब देवताओं को आदर से बुलाकर पंक्तियों में बैठाया गया और चतुर रसोइए परोसने लगे। स्त्रियाँ कोमल वाणी में मीठी गालियाँ गाने और व्यंग्य वचन सुनाने लगीं। देवता यह विनोद सुनकर सुख पाते हुए देर तक भोजन करते रहे। पान लेकर सब अपने डेरों को गए। फिर मुनियों ने हिमवान को लग्न सुनाई और समय देखकर देवताओं को बुलवा भेजा।
तब मैना हिमवन्त अनन्दे । पुनि पुनि पारबती-पद बन्दे ॥
नारि पुरुष सिसु जुबा सयाने । नगर लोग सब अति हरषाने ॥
taba mainā himavanta anande | puni puni pārabatī-pada bande ||
nāri puruṣa sisu jubā sayāne | nagara loga saba ati haraṣāne ||
लगे होन पुर मङ्गल गाना । सजे सबहिँ हाटक-घट नाना ॥
भाँति अनेक भई जेवराना । सूप-सास्त्र जस किछु व्यवहारा ॥
lage hona pura maṅgala gānā | saje sabahim̐ hāṭaka-ghaṭa nānā ||
bhām̐ti aneka bhaī jevarānā | sūpa-sāstra jasa kichu vyavahārā ||
सो जेवनार कि जाइ बखानी । बसहिँ भवन जेहिं मातु भवानी ॥
सादर बोले सकल बराती । बिष्नु बिरच्जि देव सब जाती ॥
so jevanāra ki jāi bakhānī | basahim̐ bhavana jehiṃ mātu bhavānī ||
sādara bole sakala barātī | biṣnu biracji deva saba jātī ||
बिबिध पाँति बैठी जेवनारा । लागे परुसन निपुन सुआरा ॥
नारि-बृन्द सुर जेवँत जानी । लगीँ देन गारीं मृदु बानी ॥
bibidha pām̐ti baiṭhī jevanārā | lāge parusana nipuna suārā ||
nāri-bṛnda sura jevam̐ta jānī | lagīm̐ dena gārīṃ mṛdu bānī ||
गारीं मधुर सुर देहिँ सुन्दरि, बिंग्य बचन सुनावहीँ ।
भोजन करहिँ सुर अति बिलम्ब, बिनोद सुनि सचु पावहीँ ॥
जेवँत जो बढ़ेउ अनन्द सो, मुख कोटिहूँ न परइ कह्यो ।
अचवाँइ दीन्हे पान गवने, बास जहँ जाको रह्यो ॥
gārīṃ madhura sura dehim̐ sundari, biṃgya bacana sunāvahīm̐ |
bhojana karahim̐ sura ati bilamba, binoda suni sacu pāvahīm̐ ||
jevam̐ta jo bar̤heu ananda so, mukha koṭihūm̐ na parai kahyo |
acavām̐i dīnhe pāna gavane, bāsa jaham̐ jāko rahyo ||
बहुरि मुनिन्ह हिमवन्त कहँ, लगन सुनाई आइ ।
समय बिलोकि बिबाह कर, पठये देव बोलाइ ॥
bahuri muninha himavanta kaham̐, lagana sunāī āi |
samaya biloki bibāha kara, paṭhaye deva bolāi ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0