भरद्वाज मुनि बसहिँ प्रयागा । तिन्हहिँ राम-पद अति अनुरागा ॥
तापस सम-दम-दया निधाना । परमारथ-पथ परम सुजाना ॥
bharadvāja muni basahim̐ prayāgā | tinhahim̐ rāma-pada ati anurāgā ||
tāpasa sama-dama-dayā nidhānā | paramāratha-patha parama sujānā ||
5 श्लोक · 44 में से 361
मुनि भरद्वाज प्रयाग में रहते हैं और राम के चरणों में अत्यन्त अनुराग रखते हैं। वे शम, दम और दया के भण्डार तपस्वी हैं। माघ में जब सूर्य मकर में आते हैं, सब लोग तीर्थराज प्रयाग आते हैं। देवता, दानव, किन्नर और मनुष्य त्रिवेणी में नहाते हैं, वेणीमाधव के चरण पूजते हैं और अक्षयवट को छूकर पुलकित होते हैं। भरद्वाज का पवित्र और रमणीय आश्रम वह स्थान है जहाँ आए हुए मुनि इकट्ठे होते हैं। वे प्रातः नहाकर आपस में हरि के गुण कहते हैं। दोहा कहता है कि वे ब्रह्म, धर्म की विधि और तत्त्वों की चर्चा करते हैं, और ज्ञान वैराग्य सहित भगवान की भक्ति का वर्णन करते हैं।
भरद्वाज मुनि बसहिँ प्रयागा । तिन्हहिँ राम-पद अति अनुरागा ॥
तापस सम-दम-दया निधाना । परमारथ-पथ परम सुजाना ॥
bharadvāja muni basahim̐ prayāgā | tinhahim̐ rāma-pada ati anurāgā ||
tāpasa sama-dama-dayā nidhānā | paramāratha-patha parama sujānā ||
माघ मकर-गत-रबि जब होई । तीरथपतिहिं आव सब कोई ॥
देव दनुज किंनर-नर-स्रेनी । सादर मज्जहिँ सकल त्रिबेनीं ॥
māgha makara-gata-rabi jaba hoī | tīrathapatihiṃ āva saba koī ||
deva danuja kiṃnara-nara-srenī | sādara majjahim̐ sakala tribenīṃ ||
पूजहिँ माधव-पद-जलजाता । परसि अखय बटु हरषहिँ गाता ॥
भरद्वाज-आश्रम अति पावन । परम-रम्य मुनिबर मन भावन ॥
pūjahim̐ mādhava-pada-jalajātā | parasi akhaya baṭu haraṣahim̐ gātā ||
bharadvāja-āśrama ati pāvana | parama-ramya munibara mana bhāvana ||
तहाँ होइ मुनि-रिषय-समाजा । जाहिँ जे मज्जन तीरथराजा ॥
मज्जहिं प्रात समेत उछाहा । कहहिं परसपर हरि-गुन-गाहा ॥
tahām̐ hoi muni-riṣaya-samājā | jāhim̐ je majjana tīratharājā ||
majjahiṃ prāta sameta uchāhā | kahahiṃ parasapara hari-guna-gāhā ||
ब्रह्म निरूपन धर्म-बिधि, बरनहिं तत्व-विभाग ।
कहहिं भगति भगवन्त कै, संजुत-ज्ञान-विराग ॥
brahma nirūpana dharma-bidhi, baranahiṃ tatva-vibhāga |
kahahiṃ bhagati bhagavanta kai, saṃjuta-jñāna-virāga ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0