बालकाण्ड

अध्याय 38: कौन सरोवर तक पहुँचता है, कौन नहीं

6 श्लोक · 38 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

कौन सरोवर तक पहुँचता है, कौन नहीं

जो यह चरित सँभालकर गाते हैं, वे सरोवर के रखवाले हैं, और जो आदर से सुनते हैं, वे इसके अधिकारी देवता। दुष्ट और विषयी, जो बगुले और कौए हैं, इसके पास नहीं आते, क्योंकि यहाँ घोंघे, मेंढक और सेवार जैसी विषय कथाएँ नहीं। यहाँ पहुँचना कठिन है, राम की कृपा के बिना कोई नहीं आता। कुसंग कठिन मार्ग है, और ऐसे लोगों के वचन बाघ और साँप। घर के जंजाल बड़े पहाड़ हैं, मोह और मद बीहड़ वन, कुतर्क भयंकर नदियाँ। दोहा कहता है कि जिनके पास श्रद्धा का सम्बल नहीं, सन्तों का साथ नहीं, और जिन्हें रघुनाथ प्रिय नहीं, उनके लिए मानस दुर्गम है।

38.1

जे गावहिं यह चरित सँभारे । तेइ एहि ताल चतुर रखवारे ॥
सदा सुनहिँ सादर नर नारी । तेइ सुर बर मानस अधिकारी ॥

je gāvahiṃ yaha carita sam̐bhāre | tei ehi tāla catura rakhavāre ||
sadā sunahim̐ sādara nara nārī | tei sura bara mānasa adhikārī ||

38.2

अति-खल जे विषयी बक कागा । एहिं सर निकट न जाहिँ अभागा ॥
सम्बुक भेक सेवार समाना । इहाँ न विषय कथा-रस नाना ॥

ati-khala je viṣayī baka kāgā | ehiṃ sara nikaṭa na jāhim̐ abhāgā ||
sambuka bheka sevāra samānā | ihām̐ na viṣaya kathā-rasa nānā ||

38.3

तेहि कारन आवत हियँ हारे । कामी काक बलाक बिचारे ॥
आवत एहिं सर अति कठिनाई । राम कृपा बिनु आइ न जाई ॥

tehi kārana āvata hiyam̐ hāre | kāmī kāka balāka bicāre ||
āvata ehiṃ sara ati kaṭhināī | rāma kṛpā binu āi na jāī ||

38.4

कठिन कुसङ्ग कुपन्थ कराला । तिन्ह के बचन बाघ हरि व्याला ॥
गृह कारज नाना जञ्जाला । ते अति दुर्गम सैल बिसाला ॥

kaṭhina kusaṅga kupantha karālā | tinha ke bacana bāgha hari vyālā ||
gṛha kāraja nānā jañjālā | te ati durgama saila bisālā ||

38.5

बन बहु विषम मोह मद माना । नदीं कुतर्क भयङ्कर नाना ॥

bana bahu viṣama moha mada mānā | nadīṃ kutarka bhayaṅkara nānā ||

दो॰ 38दोहा

जे स्रद्धा सम्बल रहित, नहिँ सन्तन्ह कर साथ ।
तिन्ह कहँ मानस अगम अति, जिन्हहि न प्रिय रघुनाथ ॥

je sraddhā sambala rahita, nahim̐ santanha kara sātha |
tinha kaham̐ mānasa agama ati, jinhahi na priya raghunātha ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0