जनक-सुकृत-मूरति वैदेही । दसरथ सुकृत राम धरें देही ॥
इन्ह सम काहु न सिव अवराधे । काहु न इन्ह समान फल लाधे ॥
janaka-sukṛta-mūrati vaidehī | dasaratha sukṛta rāma dhareṃ dehī ||
inha sama kāhu na siva avarādhe | kāhu na inha samāna phala lādhe ||
5 श्लोक · 310 में से 361
नगरवासी कहते हैं: वैदेही जनक के पुण्य की मूर्ति हैं और राम दशरथ के पुण्य ने देह धारण की है। इनके समान किसी ने शिव की आराधना नहीं की और न किसी ने इनके समान फल पाया। हम सब भी पुण्य की राशि हैं जो जगत में जन्म लेकर जनकपुर के निवासी हुए और जानकी तथा राम की छवि देखी; हमारे समान भाग्यवान कौन है? कोयल जैसी वाणी वाली स्त्रियाँ आपस में कहती हैं: सखी, इस विवाह में बड़ा लाभ है। बड़े भाग्य से विधाता ने बात बनाई है, ये दोनों हमारी आँखों के अतिथि बनकर आते रहेंगे। स्नेह के वश जनक बार बार सीता को बुलाएँगे और करोड़ों कामदेवों से सुन्दर दोनों भाई उन्हें लेने आएँगे।
जनक-सुकृत-मूरति वैदेही । दसरथ सुकृत राम धरें देही ॥
इन्ह सम काहु न सिव अवराधे । काहु न इन्ह समान फल लाधे ॥
janaka-sukṛta-mūrati vaidehī | dasaratha sukṛta rāma dhareṃ dehī ||
inha sama kāhu na siva avarādhe | kāhu na inha samāna phala lādhe ||
इन्ह सम कोउ न भयउ जग माहीं । है नहिँ कतहूँ होनेउ नाहीं ॥
हम सब सकल सुकृत के रासी । भए जग जनमि जनकपुर-बासी ॥
inha sama kou na bhayau jaga māhīṃ | hai nahim̐ katahūm̐ honeu nāhīṃ ||
hama saba sakala sukṛta ke rāsī | bhae jaga janami janakapura-bāsī ||
जिन्ह जानकी-राम-छबि देखी । को सुकृती हम सरिस बिसेखी ॥
पुनि देखब रघुबीर-बिआहू । लेब भली बिधि लोचन लाहू ॥
jinha jānakī-rāma-chabi dekhī | ko sukṛtī hama sarisa bisekhī ||
puni dekhaba raghubīra-biāhū | leba bhalī bidhi locana lāhū ||
कहहिं परसपर कोकिल-बयनी । एहि बिबाह बड़ लाभु सुनयनीं ॥
बड़ें भाग बिधि बात बनाई । नयन अतिथि होइहहिँ दोउ आई ॥
kahahiṃ parasapara kokila-bayanī | ehi bibāha bar̤a lābhu sunayanīṃ ||
bar̤eṃ bhāga bidhi bāta banāī | nayana atithi hoihahim̐ dou āī ||
बारहिँ बार सनेह-बस, जनक बोलाउब सीय ।
लेन आइहहिं बन्धु दोउ, कोटि काम कमनीय ॥
bārahim̐ bāra saneha-basa, janaka bolāuba sīya |
lena āihahiṃ bandhu dou, koṭi kāma kamanīya ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0