बालकाण्ड

अध्याय 287: अवध को दूत, मण्डप की रचना आरम्भ

5 श्लोक · 287 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

अवध को दूत, मण्डप की रचना आरम्भ

विश्वामित्र कहते हैं कि अवधपुर दूत भेजो, जो राजा दशरथ को बुला लाएँ। राजा जनक प्रसन्न होकर बोले, कृपालु, बहुत अच्छा, और उसी समय दूत भेज दिए। फिर नगर के सब महाजनों को बुलाया, उन्होंने आकर आदर से सिर नवाया। राजा ने कहा कि बाजार, गलियाँ, घर और देवालय, नगर को चारों ओर से सजाओ। वे हर्षित होकर अपने अपने घर गए। फिर सेवकों को बुलाकर आज्ञा दी कि विचित्र मण्डप बनाओ। अनेक गुणी कारीगर बुलाए गए जो मण्डप रचना में कुशल थे। उन्होंने ब्रह्मा की वन्दना करके काम आरम्भ किया और सोने के केले के खम्भे बनाए, जिनमें हरी मणियों के पत्ते और फल तथा पद्मराग के फूल थे। ऐसी विचित्र रचना देखकर ब्रह्मा का मन भी भूल में पड़ जाता है।

287.1

दूत अवधपुर पठवहु जाई । आनहिँ नप दसरथहि बोलाई ॥
मुदित राउ कहि भलेहिं कृपाला । पठये दूत बोलि तेहि काला ॥

dūta avadhapura paṭhavahu jāī | ānahim̐ napa dasarathahi bolāī ||
mudita rāu kahi bhalehiṃ kṛpālā | paṭhaye dūta boli tehi kālā ||

287.2

बहुरि महाजन सकल बोलाये । आइ सबन्हि सादर सिर नाये ॥
हाट बार मन्दिर सुर-बासा । नगर सँवारहु चारिहुँ पासा ॥

bahuri mahājana sakala bolāye | āi sabanhi sādara sira nāye ||
hāṭa bāra mandira sura-bāsā | nagara sam̐vārahu cārihum̐ pāsā ||

287.3

हरषि चले निज निज गृह आये । पुनि परिचारक बोलि पठाये ॥
रचहु बिचित्र बितान बनाई । सिर धरि बचन चले सचु पाई ॥

haraṣi cale nija nija gṛha āye | puni paricāraka boli paṭhāye ||
racahu bicitra bitāna banāī | sira dhari bacana cale sacu pāī ||

287.4

पठये बोलि गुनी तिन्ह नाना । जे बितान विधि कुसल सुजाना ॥
बिधिहि बन्दि तिन्ह कीन्ह अरम्भा । बिरचे कनक कदलि के खंभा ॥

paṭhaye boli gunī tinha nānā | je bitāna vidhi kusala sujānā ||
bidhihi bandi tinha kīnha arambhā | birace kanaka kadali ke khaṃbhā ||

दो॰ 287दोहा

हरित-मनिन्ह के पत्र फल, पदुमराग के फूल ।
रचना देखि बिचित्र अति, मन बिरञ्चि कर भूल ॥

harita-maninha ke patra phala, padumarāga ke phūla |
racanā dekhi bicitra ati, mana birañci kara bhūla ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0