बालकाण्ड

अध्याय 256: रानी की शंका और सखी का ढाढ़स

5 श्लोक · 256 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

रानी की शंका और सखी का ढाढ़स

सीता की माता कहती हैं, सखी, जो हितैषी कहलाते हैं, वे भी तमाशा ही देख रहे हैं। कोई राजा से नहीं कहता कि ये बालक हैं, ऐसा हठ अच्छा नहीं। रावण और बाणासुर ने धनुष छुआ तक नहीं, सब राजा घमंड करके हार गए, और वही धनुष राजा राजकुमार के हाथ में दे रहे हैं। क्या हंस का बच्चा मंदराचल उठा सकता है। तब एक चतुर सखी कोमल वाणी से बोली, रानी, तेजस्वी को छोटा नहीं गिनना चाहिए। घड़े से जन्मे अगस्त्य ने अपार समुद्र सोख लिया। सूर्यमंडल छोटा दिखता है, पर उसके उगते ही तीनों लोकों का अंधकार भाग जाता है। छोटे से मंत्र के वश में ब्रह्मा, विष्णु, शिव और सब देवता हैं, और छोटा सा अंकुश मतवाले गजराज को वश में कर लेता है।

256.1

सखि सब कौतुक देखनिहारे । जेठ कहावत हितू हमारे ॥
कोउ न बुझाइ कहइ नृप पाहीँ । ये बालक अस हठ भल नाहीं ॥

sakhi saba kautuka dekhanihāre | jeṭha kahāvata hitū hamāre ||
kou na bujhāi kahai nṛpa pāhīm̐ | ye bālaka asa haṭha bhala nāhīṃ ||

256.2

रावन बान छुआ नहिँ चापा । हारे सकल भूप करि दापा ॥
सो धनु राजकुअँर कर देहीँ । बाल मराल कि मन्दर लेहीँ ॥

rāvana bāna chuā nahim̐ cāpā | hāre sakala bhūpa kari dāpā ||
so dhanu rājakuam̐ra kara dehīm̐ | bāla marāla ki mandara lehīm̐ ||

256.3

भूप सयानप सकल सिरानी । सखि बिधि गति कछु जाति न जानी ॥
बोली चतुर सखी मृदु बानी । तेजवन्त लघु गनिय न रानी ॥

bhūpa sayānapa sakala sirānī | sakhi bidhi gati kachu jāti na jānī ||
bolī catura sakhī mṛdu bānī | tejavanta laghu ganiya na rānī ||

256.4

कहँ कुम्भज कहँ सिन्धु अपारा । सोखेउ सुजस सकल संसारा ॥
रबि मंडल देखत लघु लागा । उदयँ तासु तिभुवन तम भागा ॥

kaham̐ kumbhaja kaham̐ sindhu apārā | sokheu sujasa sakala saṃsārā ||
rabi maṃḍala dekhata laghu lāgā | udayam̐ tāsu tibhuvana tama bhāgā ||

दो॰ 256दोहा

मन्त्र परम-लघु जासु बस, बिधि हरि हर सुर सर्ब ।
महा मत्त गजराज कहँ, बस कर अङ्कुस खर्ब ॥

mantra parama-laghu jāsu basa, bidhi hari hara sura sarba |
mahā matta gajarāja kaham̐, basa kara aṅkusa kharba ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0