कटि तूनीर पीत-पट बाँधे । कर-सर धनुष-बाम-बर काँधे ॥
पीत-जग्य उपबीत सुहाए । नख-सिख मज्जु महाछबि छाये ॥
kaṭi tūnīra pīta-paṭa bām̐dhe | kara-sara dhanuṣa-bāma-bara kām̐dhe ||
pīta-jagya upabīta suhāe | nakha-sikha majju mahāchabi chāye ||
5 श्लोक · 244 में से 361
कमर में तरकश और पीतांबर बँधा है, हाथ में बाण, बाएँ कंधे पर धनुष और पीले यज्ञोपवीत शोभित हैं। उन्हें देखकर सब लोग सुखी हुए और नेत्र एकटक रह गए। दोनों भाइयों को देखकर जनक हर्षित हुए और जाकर मुनि के चरण-कमल पकड़ लिए। विनती करके उन्होंने अपनी कथा सुनाई और मुनि को सारी रंगभूमि दिखाई। कुँवर जहाँ जहाँ जाते, वहाँ सब चकित होकर उन्हें देखते। सबको लगा कि श्रीराम उन्हीं की ओर देख रहे हैं, पर इस लीला को कोई न जान सका। मुनि ने रचना की प्रशंसा की तो राजा बड़े प्रसन्न हुए। सब मंचों में जो सबसे सुंदर और विशाल था, उस पर राजा ने मुनि सहित दोनों भाइयों को बैठाया।
कटि तूनीर पीत-पट बाँधे । कर-सर धनुष-बाम-बर काँधे ॥
पीत-जग्य उपबीत सुहाए । नख-सिख मज्जु महाछबि छाये ॥
kaṭi tūnīra pīta-paṭa bām̐dhe | kara-sara dhanuṣa-bāma-bara kām̐dhe ||
pīta-jagya upabīta suhāe | nakha-sikha majju mahāchabi chāye ||
देखि लोग सब भये सुखारे । एकटक लोचन चलत न तारे ॥
हरषे जनक देखि दोउ भाई । मुनि-पद-कमल गहे तब जाई ॥
dekhi loga saba bhaye sukhāre | ekaṭaka locana calata na tāre ||
haraṣe janaka dekhi dou bhāī | muni-pada-kamala gahe taba jāī ||
करि बिनती निज कथा सुनाई । रङ्ग अवनि सब मुनिहि देखाई ॥
जहँ जहँ जाहि कुअँर बर दोऊ । तहँ तहँ चकित चितव सब कोऊ ॥
kari binatī nija kathā sunāī | raṅga avani saba munihi dekhāī ||
jaham̐ jaham̐ jāhi kuam̐ra bara doū | taham̐ taham̐ cakita citava saba koū ||
निज निज रुख रामहिँ सब देखा । कोउ न जान कछु चरित बिसेखा ॥
भलि रचना मुनि नृप सन कहेऊ । राजाँ मुदित महा सुख लहेऊ ॥
nija nija rukha rāmahim̐ saba dekhā | kou na jāna kachu carita bisekhā ||
bhali racanā muni nṛpa sana kaheū | rājām̐ mudita mahā sukha laheū ||
सब मञ्चन्ह तेँ मंचु एक, सुन्दर बिसद बिसाल ।
मुनि समेत दोउ बन्धु तहँ, बैठारे महिपाल ॥
saba mañcanha tem̐ maṃcu eka, sundara bisada bisāla |
muni sameta dou bandhu taham̐, baiṭhāre mahipāla ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0