हृदयँ सराहत सीय लोनाई । गुरु समीप गवने दोउ भाई ॥
राम कहा सब कौसिक पाहीँ । सरल सुभाउ छुअत छल नाहीँ ॥
hṛdayam̐ sarāhata sīya lonāī | guru samīpa gavane dou bhāī ||
rāma kahā saba kausika pāhīm̐ | sarala subhāu chuata chala nāhīm̐ ||
5 श्लोक · 237 में से 361
हृदय में सीता के सौंदर्य की सराहना करते हुए दोनों भाई गुरु के पास लौटे। श्रीराम ने विश्वामित्र से सब कह दिया, क्योंकि उनका स्वभाव सरल है और छल उन्हें छू भी नहीं गया। फूल पाकर मुनि ने पूजा की और आशीर्वाद दिया कि तुम्हारे मनोरथ सफल हों। भोजन के बाद ज्ञानी मुनि पुरानी कथाएँ कहने लगे। दिन ढलने पर दोनों भाई संध्या करने गए। पूर्व दिशा में सुंदर चंद्रमा उगा, जिसे सीता के मुख जैसा देखकर प्रभु को सुख हुआ। फिर मन में विचार किया कि चंद्रमा सीता के मुख के समान नहीं है। उसका जन्म समुद्र से, भाई विष, दिन में मलिन और कलंकी, वह बेचारा कंगाल उस मुख की बराबरी कैसे पाए।
हृदयँ सराहत सीय लोनाई । गुरु समीप गवने दोउ भाई ॥
राम कहा सब कौसिक पाहीँ । सरल सुभाउ छुअत छल नाहीँ ॥
hṛdayam̐ sarāhata sīya lonāī | guru samīpa gavane dou bhāī ||
rāma kahā saba kausika pāhīm̐ | sarala subhāu chuata chala nāhīm̐ ||
सुमन पाइ मुनि पूजा कीन्ही । पुनि असीस दुहुँ भाइन्ह दीन्ही ॥
सुफल मनोरथ होहु तुम्हारे । राम लखन सुनि भये सुखारे ॥
sumana pāi muni pūjā kīnhī | puni asīsa duhum̐ bhāinha dīnhī ||
suphala manoratha hohu tumhāre | rāma lakhana suni bhaye sukhāre ||
करि भोजनु मुनिबर बिज्ञानी । लगे कहन कछु कथा पुरानी ॥
बिगत-दिवस गुरु आयसु पाई । सन्ध्या करन चले दोउ भाई ॥
kari bhojanu munibara bijñānī | lage kahana kachu kathā purānī ||
bigata-divasa guru āyasu pāī | sandhyā karana cale dou bhāī ||
प्राची दिसि ससि उयउ सुहावा । सिय-मुख सरिस देखि सुख पावा ॥
बहुरि बिचार कीन्ह मन माहीँ । सीय बदन सम हिमकर नाहीँ ॥
prācī disi sasi uyau suhāvā | siya-mukha sarisa dekhi sukha pāvā ||
bahuri bicāra kīnha mana māhīm̐ | sīya badana sama himakara nāhīm̐ ||
जनम-सिन्धु पुनि बन्धु-बिष, दिन-मलीन सकलङ्क ।
सिय-मुख समता पाव किमि, चंदु बापुरो रङ्क ॥
janama-sindhu puni bandhu-biṣa, dina-malīna sakalaṅka |
siya-mukha samatā pāva kimi, caṃdu bāpuro raṅka ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0