धरि धीरज, एक आलि सयानी । सीता सन बोली गहि पानी ॥
बहुरि गौरि कर ध्यान करेहू । भूप-किसोर देखि किन लेहू ॥
dhari dhīraja, eka āli sayānī | sītā sana bolī gahi pānī ||
bahuri gauri kara dhyāna karehū | bhūpa-kisora dekhi kina lehū ||
5 श्लोक · 234 में से 361
एक सयानी सखी ने धीरज धरकर सीता का हाथ पकड़ा और बोली, गौरी का ध्यान फिर कर लेना, अभी राजकुमार को क्यों नहीं देख लेतीं। सकुचाकर सीता ने आँखें खोलीं और सामने रघुकुल के दोनों सिंह देखे। नख से शिख तक श्रीराम को देखकर उन्हें पिता का प्रण याद आया और मन क्षुब्ध हो गया। सखियाँ डरकर बोलीं कि देर हो गई। एक सखी मन में हँसकर बोली, कल इसी समय फिर आएँगे। यह गूढ़ बात सुनकर सीता लजा गईं। माता का भय मानकर, श्रीराम को हृदय में बसाकर और स्वयं को पिता के अधीन जानकर वे लौटीं। पर मृग, पक्षी और वृक्ष देखने के बहाने बार बार मुड़कर रघुवीर की छवि निहारती रहीं, और प्रीति बढ़ती गई।
धरि धीरज, एक आलि सयानी । सीता सन बोली गहि पानी ॥
बहुरि गौरि कर ध्यान करेहू । भूप-किसोर देखि किन लेहू ॥
dhari dhīraja, eka āli sayānī | sītā sana bolī gahi pānī ||
bahuri gauri kara dhyāna karehū | bhūpa-kisora dekhi kina lehū ||
सकुचि सीयँ तब नयन उघारे । सनमुख दोउ रघु सिंह निहारे ॥
नख-सिख देखि राम कै सोभा । सुमिरि पिता पन मन अति छोभा ॥
sakuci sīyam̐ taba nayana ughāre | sanamukha dou raghu siṃha nihāre ||
nakha-sikha dekhi rāma kai sobhā | sumiri pitā pana mana ati chobhā ||
परबस सखिन्ह लखी जब सीता । भयउ गहरु सब कहहिँ सभीता ॥
पुनि आउब एहि बेरिआँ काली । अस कहि मन बिहसी एक आली ॥
parabasa sakhinha lakhī jaba sītā | bhayau gaharu saba kahahim̐ sabhītā ||
puni āuba ehi beriām̐ kālī | asa kahi mana bihasī eka ālī ||
गूढ़ गिरा सुनि सिय सकुचानी । भयउ बिलम्ब मातु भय मानी ॥
धरि बड़ धीर राम उर आनी । फिरी अपनपौ पितु बस जानी ॥
gūr̤ha girā suni siya sakucānī | bhayau bilamba mātu bhaya mānī ||
dhari bar̤a dhīra rāma ura ānī | phirī apanapau pitu basa jānī ||
देखन मिस मृग बिहँग तरु, फिरइ बहोरि बहोरि ।
निरखि निरखि रघुबीर छबि, बाढ़इ प्रीति न थोरि ॥
dekhana misa mṛga biham̐ga taru, phirai bahori bahori |
nirakhi nirakhi raghubīra chabi, bār̤hai prīti na thori ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0