बालकाण्ड

अध्याय 200: ऐसे प्रभु को छोड़कर किसे भजें

5 श्लोक · 200 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

ऐसे प्रभु को छोड़कर किसे भजें

इस प्रकार जगत के माता पिता श्रीराम कोसलपुर के वासियों को सुख देते हैं। शिवजी भवानी से कहते हैं कि जिन्होंने रघुनाथ के चरणों से प्रीति की, उनकी यही गति है। रघुपति से विमुख होकर कौन करोड़ों यत्न करके भी संसार का बन्धन छुड़ा सकता है? जो माया सब चर अचर को वश में रखती है, वह प्रभु से डरती है और उनकी भौंह के इशारे पर नाचती है। ऐसे प्रभु को छोड़कर किसे भजें? चतुराई छोड़कर मन, कर्म और वचन से भजने पर रघुराई कृपा करेंगे। कौसल्या उन्हें कभी गोद में हिलाती हैं, कभी पालने में झुलाती हैं; प्रेम में मग्न माता को दिन रात बीतते पता नहीं चलता और वे बाललीला गाती रहती हैं।

200.1

एहि बिधि राम जगत-पितु-माता । कोसलपुरबासिन्ह सुख-दाता ॥
जिन्ह रघुनाथ चरन रति मानी । तिन्ह की यह गति प्रगट भवानी ॥

ehi bidhi rāma jagata-pitu-mātā | kosalapurabāsinha sukha-dātā ||
jinha raghunātha carana rati mānī | tinha kī yaha gati pragaṭa bhavānī ||

200.2

रघुपति-बिमुख जतन कर कोरी । कवन सकइ भव-बन्धन छोरी ॥
जीव चराचर बस कै राखे । सो माया प्रभु सोँ भय भाखे ॥

raghupati-bimukha jatana kara korī | kavana sakai bhava-bandhana chorī ||
jīva carācara basa kai rākhe | so māyā prabhu som̐ bhaya bhākhe ||

200.3

भृकुटि-बिलास नचावइ ताही । अस प्रभु छाडि भजिअ कहु काही ॥
मन क्रम बचन छाड़ि चतुराई । भजत कृपा करिहहिँ रघुराई ॥

bhṛkuṭi-bilāsa nacāvai tāhī | asa prabhu chāḍi bhajia kahu kāhī ||
mana krama bacana chār̤i caturāī | bhajata kṛpā karihahim̐ raghurāī ||

200.4

एहि बिधि सिसु-बिनोद प्रभु कीन्हा । सकल नगर-बासिन्ह सुख दीन्हा ॥
लेइ उछङ्ग कबहुँक हलरावै । कबहुँ पालनें घालि झुलावै ॥

ehi bidhi sisu-binoda prabhu kīnhā | sakala nagara-bāsinha sukha dīnhā ||
lei uchaṅga kabahum̐ka halarāvai | kabahum̐ pālaneṃ ghāli jhulāvai ||

दो॰ 200दोहा

प्रेम मगन कौसल्या, निसि दिन जात न जान ।
सुत-सनेह-बस माता, बाल-चरित कर गान ॥

prema magana kausalyā, nisi dina jāta na jāna |
suta-saneha-basa mātā, bāla-carita kara gāna ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0