बालकाण्ड

अध्याय 197: वसिष्ठ द्वारा चारों भाइयों का नामकरण

5 श्लोक · 197 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

वसिष्ठ द्वारा चारों भाइयों का नामकरण

कुछ दिन ऐसे सुख में बीतते हैं कि दिन और रात जाते पता नहीं चलते। नामकरण का अवसर जानकर राजा ज्ञानी मुनि वसिष्ठ को बुलाते हैं, उनकी पूजा करते हैं और विचारे हुए नाम रखने की विनती करते हैं। मुनि कहते हैं, इनके अनेक अनुपम नाम हैं, पर मैं अपनी बुद्धि के अनुसार कहूँगा। जो आनन्द के सागर और सुख की राशि हैं, जिनकी एक बूँद से तीनों लोक सुखी होते हैं, सबको विश्राम देने वाले उन सुखधाम का नाम राम है। जो विश्व का भरण पोषण करते हैं, उनका नाम भरत होगा। जिनके स्मरण से शत्रु नष्ट होते हैं, वेद में प्रसिद्ध उनका नाम शत्रुघ्न है। और जो शुभ लक्षणों के धाम, श्रीराम के प्यारे और सारे जगत के आधार हैं, उनका उदार नाम गुरु ने लक्ष्मण रखा।

197.1

कछुक दिवस बीते एहि भाँती । जात न जानिय दिन अरु राता ॥
नाम-करन कर अवसर जानी । भूप बोलि पठये मुनि-ज्ञानी ॥

kachuka divasa bīte ehi bhām̐tī | jāta na jāniya dina aru rātā ||
nāma-karana kara avasara jānī | bhūpa boli paṭhaye muni-jñānī ||

197.2

करि पूजा भूपति अस भाखा । धरिय नाम जो मुनि गुनि राखा ॥
इन्ह के नाम अनेक अनूपा । मैँ नृप कहब स्वमति अनुरूपा ॥

kari pūjā bhūpati asa bhākhā | dhariya nāma jo muni guni rākhā ||
inha ke nāma aneka anūpā | maim̐ nṛpa kahaba svamati anurūpā ||

197.3

जो आनन्द-सिन्धु सुख-रासी । सीकर तें त्रैलोक सुपासी ॥
सो सुख-धाम राम अस नामा । अखिल-लोक दायक बिश्रामा ॥

jo ānanda-sindhu sukha-rāsī | sīkara teṃ trailoka supāsī ||
so sukha-dhāma rāma asa nāmā | akhila-loka dāyaka biśrāmā ||

197.4

बिस्व-भरन-पोषन कर जोई । ता कर नाम भरत अस होई ॥
जा के सुमिरन तेँ रिपु-नासा । नाम सत्रुहन बेद प्रकासा ॥

bisva-bharana-poṣana kara joī | tā kara nāma bharata asa hoī ||
jā ke sumirana tem̐ ripu-nāsā | nāma satruhana beda prakāsā ||

दो॰ 197दोहा

लच्छन धाम राम-प्रिय, सकल जगत आधार ।
गुरु बसिष्ठ तेहि राखा, लछिमन नाम उदार ॥

lacchana dhāma rāma-priya, sakala jagata ādhāra |
guru basiṣṭha tehi rākhā, lachimana nāma udāra ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0