बसहिँ नगर सुन्दर नर नारी । जनु बहु मनसिज-रति तनु धारी ॥
तेहिं पुर बसइ सीलनिधि राजा । अगनित हय गय सेन समाजा ॥
basahim̐ nagara sundara nara nārī | janu bahu manasija-rati tanu dhārī ||
tehiṃ pura basai sīlanidhi rājā | aganita haya gaya sena samājā ||
5 श्लोक · 130 में से 361
उस नगर में ऐसे सुन्दर नर नारी बसते थे मानो बहुत से कामदेव और रति शरीर धरकर रहते हों। वहाँ शीलनिधि नाम का राजा था, जिसके पास अगणित घोड़े, हाथी और सेना थी। उसका वैभव सौ इन्द्रों के समान था और वह रूप, तेज, बल और नीति का घर था। उसकी पुत्री विश्वमोहिनी ऐसी सुन्दर थी कि उसे देखकर लक्ष्मी भी मोहित हो जाएँ। वह सब गुणों की खान हरि की माया ही थी, वह राजकुमारी स्वयंवर कर रही थी, जिसमें अगणित राजा आए थे। कौतुकी मुनि उस नगर में गए और पुरवासियों से सब पूछा। सब हाल सुनकर वे राजमहल आए। राजा ने पूजा करके उन्हें बैठाया, फिर राजकुमारी को लाकर दिखाया और पूछा कि हे नाथ, हृदय में विचारकर इसके गुण दोष कहिए।
बसहिँ नगर सुन्दर नर नारी । जनु बहु मनसिज-रति तनु धारी ॥
तेहिं पुर बसइ सीलनिधि राजा । अगनित हय गय सेन समाजा ॥
basahim̐ nagara sundara nara nārī | janu bahu manasija-rati tanu dhārī ||
tehiṃ pura basai sīlanidhi rājā | aganita haya gaya sena samājā ||
सत-सुरेस सम बिभव बिलासा । रूप तेज बल नीति निवासा ॥
बिस्व-मोहनी तासु कुमारी । श्री बिमोह जिसु रूप निहारी ॥
sata-suresa sama bibhava bilāsā | rūpa teja bala nīti nivāsā ||
bisva-mohanī tāsu kumārī | śrī bimoha jisu rūpa nihārī ||
सोइ हरि माया सब गुन खानी । सोभा तासु कि जाइ बखानी ॥
करइ स्वयम्बर से नप-बाला । आये तहँ अगनित महिपाला ॥
soi hari māyā saba guna khānī | sobhā tāsu ki jāi bakhānī ||
karai svayambara se napa-bālā | āye taham̐ aganita mahipālā ||
मुनि कौतुकी नगर तेहिं गयऊ । पुरबासिन्ह सब पूछत भयऊ ॥
सुनि सब चरित भूप गृह आये । करि पूजा नृप मुनि बैठाये ॥
muni kautukī nagara tehiṃ gayaū | purabāsinha saba pūchata bhayaū ||
suni saba carita bhūpa gṛha āye | kari pūjā nṛpa muni baiṭhāye ||
आनि देखाई नारदहि, भूपति राजकुमारि ।
कहहु नाथ गुन दोष सब, एहि के हृदयँ बिचारि ॥
āni dekhāī nāradahi, bhūpati rājakumāri |
kahahu nātha guna doṣa saba, ehi ke hṛdayam̐ bicāri ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0