राम कीन्ह चाहहिँ सोइ होई । करइ अन्यथा अस नहिँ कोई ॥
सम्भु बचन मुनि मन नहिँ भाये । तब बिरञ्चि के लोक सिधाये ॥
rāma kīnha cāhahim̐ soi hoī | karai anyathā asa nahim̐ koī ||
sambhu bacana muni mana nahim̐ bhāye | taba birañci ke loka sidhāye ||
5 श्लोक · 128 में से 361
श्रीराम जो करना चाहते हैं वही होता है, उसे कोई अन्यथा नहीं कर सकता। शम्भु के वचन मुनि को अच्छे नहीं लगे और वे ब्रह्मलोक चले गए। एक बार वीणा लिए, हरि के गुण गाते हुए वे क्षीरसागर गए। रमानिवास प्रसन्न होकर उठे और ऋषि को साथ लेकर आसन पर बैठे। चराचर के स्वामी हँसकर बोले कि मुनि, बहुत दिनों बाद आपने कृपा की। तब नारद ने कामदेव का सारा चरित कह दिया, यद्यपि शिवजी ने पहले ही मना किया था। शिवजी कहते हैं कि रघुपति की माया अत्यन्त प्रचण्ड है, संसार में ऐसा कौन जन्मा है जिसे वह मोहित न करे? भगवान ने रूखा मुख करके कोमल वचन कहे कि आपके स्मरण से ही मोह, काम, मद और मान मिट जाते हैं।
राम कीन्ह चाहहिँ सोइ होई । करइ अन्यथा अस नहिँ कोई ॥
सम्भु बचन मुनि मन नहिँ भाये । तब बिरञ्चि के लोक सिधाये ॥
rāma kīnha cāhahim̐ soi hoī | karai anyathā asa nahim̐ koī ||
sambhu bacana muni mana nahim̐ bhāye | taba birañci ke loka sidhāye ||
एक बार करतल बर-बीना । गावत हरि-गुन गान-प्रबीना ॥
छीरसिन्धु गवने मुनिनाथा । जहँ बस श्रीनिवास श्रुतिमाथा ॥
eka bāra karatala bara-bīnā | gāvata hari-guna gāna-prabīnā ||
chīrasindhu gavane munināthā | jaham̐ basa śrīnivāsa śrutimāthā ||
हरषि मिले उठि रमानिकेता । बैठे आसन रिषिहि समेता ॥
बोले बिहँसि चराचर-राया । बहुते दिनन कीन्हि मुनि दाया ॥
haraṣi mile uṭhi ramāniketā | baiṭhe āsana riṣihi sametā ||
bole biham̐si carācara-rāyā | bahute dinana kīnhi muni dāyā ||
काम-चरित नारद सब भाखे । जद्यपि प्रथम बरजि सिवँ राखे ॥
अति प्रचंड रघुपति कै माया । जेहि न मोह अस को जग जाया ॥
kāma-carita nārada saba bhākhe | jadyapi prathama baraji sivam̐ rākhe ||
ati pracaṃḍa raghupati kai māyā | jehi na moha asa ko jaga jāyā ||
रूख बदन करि बचन मृदु, बोले श्रीभगवान ।
तुम्हरे सुमिरन तेँ मिटहिँ, मोह मार मद मान ॥
rūkha badana kari bacana mṛdu, bole śrībhagavāna |
tumhare sumirana tem̐ miṭahim̐, moha māra mada māna ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0