ताल जाउँ बलि बेगि नहाहू । जो मन भाव मधुर कछु खाहू ॥
पितु समीप तब जाएहु भैआ । भइ बड़ि बार जाइ बलि भैया ॥
tāla jāum̐ bali begi nahāhū | jo mana bhāva madhura kachu khāhū ||
pitu samīpa taba jāehu bhaiā | bhai bar̤i bāra jāi bali bhaiyā ||
5 श्लोक · 53 में से 326
कौसल्या कहती हैं, बेटा, बलिहारी जाऊँ, जल्दी स्नान करो, जो मन भाए वह मीठा कुछ खा लो, फिर पिता के पास जाना, बहुत देर हो गई है। माता के अनुकूल वचन स्नेह रूपी कल्पवृक्ष के फूल जैसे थे, पर उन्हें देखकर भी राम का मन रूपी भौंरा भूला नहीं। धर्म की धुरी धारण करने वाले श्रीराम ने धर्म की गति जानकर अत्यन्त कोमल वाणी में कहा, पिताजी ने मुझे वन का राज्य दिया है, जहाँ हर प्रकार से मेरा बड़ा काम है। माँ, प्रसन्न मन से आज्ञा दो, जिससे मैं आनन्द और मंगल के साथ वन जाऊँ। चौदह वर्ष वन में रहकर, पिता का वचन सत्य करके, लौटकर फिर तुम्हारे चरण देखूँगा। मन उदास मत करो।
ताल जाउँ बलि बेगि नहाहू । जो मन भाव मधुर कछु खाहू ॥
पितु समीप तब जाएहु भैआ । भइ बड़ि बार जाइ बलि भैया ॥
tāla jāum̐ bali begi nahāhū | jo mana bhāva madhura kachu khāhū ||
pitu samīpa taba jāehu bhaiā | bhai bar̤i bāra jāi bali bhaiyā ||
मातु बचन सुनि अति अनुकूला । जनु सनेह सुरतरु के फूला ॥
सुख-मकरन्द भरे स्रिय-मूला । निरखि राम-मन-भवरुँ न भूला ॥
mātu bacana suni ati anukūlā | janu saneha surataru ke phūlā ||
sukha-makaranda bhare sriya-mūlā | nirakhi rāma-mana-bhavarum̐ na bhūlā ||
धरम-धुरीन धरम-गति जानी । कहेउ मातु सन अति मृदुबानी ॥
पिताँ दीन्ह मोहि कानन-राजू । जहँ सब भाँति मोर बड़ काजू ॥
dharama-dhurīna dharama-gati jānī | kaheu mātu sana ati mṛdubānī ||
pitām̐ dīnha mohi kānana-rājū | jaham̐ saba bhām̐ti mora bar̤a kājū ||
आयसु देहि मुदित मन माता । जेहिं मुद-मङ्गल कानन जाता ॥
जनि सनेह बस डरपसि भोरें । आनंद अम्ब अनुग्रह तोरें ॥
āyasu dehi mudita mana mātā | jehiṃ muda-maṅgala kānana jātā ||
jani saneha basa ḍarapasi bhoreṃ | ānaṃda amba anugraha toreṃ ||
बरष चारिदस विपिन बसि, करि पितु बचन प्रमान ।
आइ पाय पुनि देखिहउँ, मन जनि करसि मलान ॥
baraṣa cāridasa vipina basi, kari pitu bacana pramāna |
āi pāya puni dekhihaum̐, mana jani karasi malāna ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0