अयोध्याकाण्ड

अध्याय 325: भरत की देह घटती, प्रेम बढ़ता

5 श्लोक · 325 में से 326

इस अध्याय में क्या होता है

भरत की देह घटती, प्रेम बढ़ता

भरत की देह दिन दिन दुबली होती जाती है, पर राम प्रेम का प्रण नित्य नया और पुष्ट होता है। जैसे शरद के प्रकाश में जल घटता है, पर बेंत शोभित होते हैं और कमल खिलते हैं। शम, दम और उपवास उनके हृदय रूपी आकाश के नक्षत्र हैं। अटल विश्वास ध्रुव तारा है, अवधि पूर्णिमा जैसी है, स्वामी की स्मृति आकाशगंगा सी फैली है, और राम प्रेम का निष्कलंक चन्द्रमा नित्य उज्ज्वल है। भरत की रहनी, समझ, करनी का वर्णन करने में सब सुकवि सकुचाते हैं; शेष, गणेश और सरस्वती की भी वहाँ पहुँच नहीं। वे नित्य प्रभु की पादुकाओं को पूजते हैं, प्रीति हृदय में नहीं समाती, और आज्ञा माँग माँगकर बहुत प्रकार राजकाज करते हैं।

325.1

देह दिनहुँ दिन दूबरि होई । घटइ तेज बल मुख छबि लाई ॥
नित नव राम-प्रेम-पन पीना । बढ़त धरम-दल मन न मलीना ॥

deha dinahum̐ dina dūbari hoī | ghaṭai teja bala mukha chabi lāī ||
nita nava rāma-prema-pana pīnā | bar̤hata dharama-dala mana na malīnā ||

325.2

जिमि जल निघटत सरद प्रकासे । बिलसत बेतस बनज विकासे ॥
सम दम सञ्जम नियम उपासा । नखत भरत-हिय बिमल अकासा ॥

jimi jala nighaṭata sarada prakāse | bilasata betasa banaja vikāse ||
sama dama sañjama niyama upāsā | nakhata bharata-hiya bimala akāsā ||

325.3

ध्रुव बिस्वास अवधि राका सी । स्वामि-सुरति सुरबीथि बिकासी ॥
राम-पेम-बिधु अचल अदोखा । सहित समाज सोह नित चोखा ॥

dhruva bisvāsa avadhi rākā sī | svāmi-surati surabīthi bikāsī ||
rāma-pema-bidhu acala adokhā | sahita samāja soha nita cokhā ||

325.4

भरत रहनि समुझनि करतूती । भगति बिरति गुन बिमल बिभूती ॥
बरनत सकल सुकचि सकुचाहीं । सेस-गनेस-गिरा-गम नाहीँ ॥

bharata rahani samujhani karatūtī | bhagati birati guna bimala bibhūtī ||
baranata sakala sukaci sakucāhīṃ | sesa-ganesa-girā-gama nāhīm̐ ||

दो॰ 325दोहा

नित पूजत प्रभु पाँवरी, प्रीति न हृदयँ समाति ।
माँगि मागि आयसु करत, राज काज बहु भाँति ॥

nita pūjata prabhu pām̐varī, prīti na hṛdayam̐ samāti |
mām̐gi māgi āyasu karata, rāja kāja bahu bhām̐ti ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0