प्रभु पितु मातु सुह्रद गुरु स्वामी । पूज्य परम हित अतंरजामी ॥
सरल सुसाहिब सील-निधानू । प्रनत-पाल सर्बज्ञ सुजानू ॥
prabhu pitu mātu suhrada guru svāmī | pūjya parama hita ataṃrajāmī ||
sarala susāhiba sīla-nidhānū | pranata-pāla sarbajña sujānū ||
5 श्लोक · 298 में से 326
भरत कहते हैं, प्रभु, आप पिता, माता, सुहृद, गुरु और स्वामी हैं; पूज्य, परम हितैषी और अन्तर्यामी। शरणागत के पालक और अवगुण हरने वाले हैं। ऐसे स्वामी के समान स्वामी आप ही हैं, और मैं स्वामी की दुहाई देकर कहता हूँ, मेरे समान सेवक मैं ही हूँ। मोहवश प्रभु और पिता के वचन ठेलकर मैं समाज बटोरकर यहाँ आया। जगत में भले बुरे सब हैं, पर राम की आज्ञा को मन में भी मेटने वाला कहीं देखा सुना नहीं। वही ढिठाई मैंने सब प्रकार की, और प्रभु ने उसे स्नेह भरी सेवा मान लिया। नाथ, आपने अपनी कृपा और भलाई से मेरा भला किया; मेरे दोष आभूषण बन गए और चारों ओर सुन्दर यश फैल गया।
प्रभु पितु मातु सुह्रद गुरु स्वामी । पूज्य परम हित अतंरजामी ॥
सरल सुसाहिब सील-निधानू । प्रनत-पाल सर्बज्ञ सुजानू ॥
prabhu pitu mātu suhrada guru svāmī | pūjya parama hita ataṃrajāmī ||
sarala susāhiba sīla-nidhānū | pranata-pāla sarbajña sujānū ||
समरथ सरनागत हितकारी । गुन गाहक अवगुन-अघ-हारी ॥
स्वामि गोसाँइहि सरिस गोसाँई । मोहि समान मैं साइँ-दोहाई ॥
samaratha saranāgata hitakārī | guna gāhaka avaguna-agha-hārī ||
svāmi gosām̐ihi sarisa gosām̐ī | mohi samāna maiṃ sāim̐-dohāī ||
प्रभु-पितु-बचन मोह अस पेली । आयउँ इहाँ समाज सकेली ॥
जग भल पोच ऊँच अरु नीचू । अमिय अमर-पद माहुर मीचू ॥
prabhu-pitu-bacana moha asa pelī | āyaum̐ ihām̐ samāja sakelī ||
jaga bhala poca ūm̐ca aru nīcū | amiya amara-pada māhura mīcū ||
राम रजाइ मेट मन माहीं । देखा सुना कतहुँ कोउ नाहीं ॥
सो मैं सब बिधि कीन्हि ढिठाई । प्रभु मानी सनेह सेवकाई ॥
rāma rajāi meṭa mana māhīṃ | dekhā sunā katahum̐ kou nāhīṃ ||
so maiṃ saba bidhi kīnhi ḍhiṭhāī | prabhu mānī saneha sevakāī ||
कृपाँ भलाई आपनी, नाथ कीन्ह भल मोर ।
दूषन से भूषन सरिस, सुजस चारु चहुँ ओर ॥
kṛpām̐ bhalāī āpanī, nātha kīnha bhala mora |
dūṣana se bhūṣana sarisa, sujasa cāru cahum̐ ora ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0