करि पितु क्रिया बेद जसि बरनी । भे पुनीत पातक-तम-तरनी ॥
जासु नाम-पावक अघ-तूला । सुमिरत सकल सुमगंल-मूला ॥
kari pitu kriyā beda jasi baranī | bhe punīta pātaka-tama-taranī ||
jāsu nāma-pāvaka agha-tūlā | sumirata sakala sumagaṃla-mūlā ||
5 श्लोक · 248 में से 326
राम वेद में कही विधि से पिता की क्रिया करते हैं और शुद्ध होते हैं, वे जिनका नाम पाप रूपी रुई के लिए आग है। साधुओं का मत है कि उनका शुद्ध होना वैसा ही है जैसे गंगा में तीर्थों का आवाहन। शुद्ध होने के दो दिन बाद राम प्रेम से गुरु से कहते हैं, नाथ, सब लोग बहुत दुखी हैं, कंद, मूल, फल और जल पर रह रहे हैं। भाई सहित भरत, मंत्री और सब माताओं को देखकर मेरा एक एक पल युग जैसा बीतता है। सबको साथ लेकर नगर पधारिए, आप यहाँ हैं और राजधानी सूनी है। गुरु कहते हैं, हे धर्मसेतु, करुणा के धाम राम, कल ऐसा न कहना। लोग दुखी हैं, दो दिन दर्शन पाकर विश्राम पाएँगे।
करि पितु क्रिया बेद जसि बरनी । भे पुनीत पातक-तम-तरनी ॥
जासु नाम-पावक अघ-तूला । सुमिरत सकल सुमगंल-मूला ॥
kari pitu kriyā beda jasi baranī | bhe punīta pātaka-tama-taranī ||
jāsu nāma-pāvaka agha-tūlā | sumirata sakala sumagaṃla-mūlā ||
सुद्ध सो भयउ साधु-सम्मत अस । तीरथ आवाहन सुरसरि जस ॥
सुद्ध भये दुइ बासर बीते । बोले गुरु सन राम पिरीते ॥
suddha so bhayau sādhu-sammata asa | tīratha āvāhana surasari jasa ||
suddha bhaye dui bāsara bīte | bole guru sana rāma pirīte ||
नाथ लोग सब निपट दुखारी । कन्द मूल फल अम्बु अहारी ॥
सानुज भरत सचिव सब माता । देखि मोहि पल जिमि जुग जाता ॥
nātha loga saba nipaṭa dukhārī | kanda mūla phala ambu ahārī ||
sānuja bharata saciva saba mātā | dekhi mohi pala jimi juga jātā ||
सब समेत पुर धारिअ पाऊ । आपु इहाँ अमरावति राऊ ॥
बहुत कहेउँ सब कियउँ ढिठाई । उचित होइ तस करिय गोसाँई ॥
saba sameta pura dhāria pāū | āpu ihām̐ amarāvati rāū ||
bahuta kaheum̐ saba kiyaum̐ ḍhiṭhāī | ucita hoi tasa kariya gosām̐ī ||
धरम-सेतु करुनायतन, कल न कहहु अस राम ।
लोग दुखित दिन दुइ दरस, देखि लहहुँ बिश्राम ॥
dharama-setu karunāyatana, kala na kahahu asa rāma |
loga dukhita dina dui darasa, dekhi lahahum̐ biśrāma ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0