आरत लोग राम सब जाना । करुनाकर सुजान भगवाना ॥
जो जेहि भायँ रहा अभिलाखी । तेहि तेहि कै तसि तसि रुख राखी ॥
ārata loga rāma saba jānā | karunākara sujāna bhagavānā ||
jo jehi bhāyam̐ rahā abhilākhī | tehi tehi kai tasi tasi rukha rākhī ||
5 श्लोक · 244 में से 326
करुणाकर, सुजान भगवान राम जानते हैं कि सब लोग दुखी हैं। जिसके मन में जैसी चाह थी, उसकी वैसी ही रुचि रखते हैं। छोटे भाई सहित पल भर में सबसे मिलकर उनके दुख की कठिन जलन मिटा देते हैं। राम के लिए यह बड़ी बात नहीं, जैसे करोड़ों घड़ों में एक ही सूर्य की छाया पड़ती है। वे उमगकर केवट से मिलते हैं। राम माताओं को दुखी देखते हैं, मानो सुंदर बेलों की कतार पर पाला पड़ गया हो। सबसे पहले राम सरल स्वभाव और भक्तिभाव से कैकेयी से मिलते हैं, पैरों पड़कर उन्हें समझाते हैं और दोष काल, कर्म और विधाता के सिर रखते हैं। फिर सब माताओं से मिलकर कहते हैं, माँ, जग ईश्वर के अधीन है, किसी को दोष न दीजिए।
आरत लोग राम सब जाना । करुनाकर सुजान भगवाना ॥
जो जेहि भायँ रहा अभिलाखी । तेहि तेहि कै तसि तसि रुख राखी ॥
ārata loga rāma saba jānā | karunākara sujāna bhagavānā ||
jo jehi bhāyam̐ rahā abhilākhī | tehi tehi kai tasi tasi rukha rākhī ||
सानुज मिलि पल महं सब काहू । कीन्हि दूरि दुख-दारुन-दाहू ॥
यह बड़ी बातँ राम के नाहीं । जिमि घट-कोटि एक रबि छाहीं ॥
sānuja mili pala mahaṃ saba kāhū | kīnhi dūri dukha-dāruna-dāhū ||
yaha bar̤ī bātam̐ rāma ke nāhīṃ | jimi ghaṭa-koṭi eka rabi chāhīṃ ||
मिलि केवटिहि उमगि अनुरागा । पुरजन सकल सराहहिँ भागा ॥
देखीं राम दुखित महतारीं । जनु सुबेलि-अवलीं हिम मारीं ॥
mili kevaṭihi umagi anurāgā | purajana sakala sarāhahim̐ bhāgā ||
dekhīṃ rāma dukhita mahatārīṃ | janu subeli-avalīṃ hima mārīṃ ||
प्रथम राम भेंटी कैकेई । सरल सुभायँ भगति मति भेई ॥
पग परि कीन्ह प्रबोध बहोरी । काल करम बिधि सिर धरि खोरी ॥
prathama rāma bheṃṭī kaikeī | sarala subhāyam̐ bhagati mati bheī ||
paga pari kīnha prabodha bahorī | kāla karama bidhi sira dhari khorī ||
भेंटी रघुबर मातु सब, करि प्रबोध परितोष ।
अम्ब ईस आधीन जग, काहु न देइअ दोष ॥
bheṃṭī raghubara mātu saba, kari prabodha paritoṣa |
amba īsa ādhīna jaga, kāhu na deia doṣa ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0