कियउ निषादनाथ अगुआईं । मातु पालकीं सकल चलाईं ॥
साथ बोलाइ भाइ लघु दीन्हा । बिप्रन्ह सहित गवन गुरु कीन्हा ॥
kiyau niṣādanātha aguāīṃ | mātu pālakīṃ sakala calāīṃ ||
sātha bolāi bhāi laghu dīnhā | bipranha sahita gavana guru kīnhā ||
5 श्लोक · 203 में से 326
निषादराज आगे चलते हैं और माताओं की सब पालकियाँ चलाई जाती हैं। छोटे भाई शत्रुघ्न को साथ भेजा जाता है और गुरु ब्राह्मणों के साथ चलते हैं। भरत गंगा को प्रणाम करके लक्ष्मण सहित सीता और राम का स्मरण करते हैं और पैदल चल पड़ते हैं, उनके घोड़े बागडोर से साथ ले जाए जाते हैं। भरत कहते हैं, राम पैदल गए और हमारे लिए रथ, हाथी और घोड़े सजाए गए? मेरे लिए तो सिर के बल जाना उचित है, सेवक का धर्म सबसे कठोर है। भरत की यह दशा देखकर और कोमल वाणी सुनकर सब सेवक ग्लानि से गल जाते हैं। दिन के तीसरे पहर भरत उमड़ते अनुराग से राम सिया, राम सिया कहते हुए प्रयाग में प्रवेश करते हैं।
कियउ निषादनाथ अगुआईं । मातु पालकीं सकल चलाईं ॥
साथ बोलाइ भाइ लघु दीन्हा । बिप्रन्ह सहित गवन गुरु कीन्हा ॥
kiyau niṣādanātha aguāīṃ | mātu pālakīṃ sakala calāīṃ ||
sātha bolāi bhāi laghu dīnhā | bipranha sahita gavana guru kīnhā ||
आपु सुरसरिहि कीन्ह प्रनामू । सुमिरे लखन सहित सिय-रामू ॥
गवने भरत पयोदेहिं पाये । कोतल सङ्गजाहि डोरि आये ॥
āpu surasarihi kīnha pranāmū | sumire lakhana sahita siya-rāmū ||
gavane bharata payodehiṃ pāye | kotala saṅgajāhi ḍori āye ||
कहहिॅ सुसेवक बारहिँ बारा । होइअ नाथ अस्व असवारा ॥
राम पयोदेहि-पायँ सिधाये । हम कहँ रथ गज बाजि बनाये ॥
kahahiॅ susevaka bārahim̐ bārā | hoia nātha asva asavārā ||
rāma payodehi-pāyam̐ sidhāye | hama kaham̐ ratha gaja bāji banāye ||
सिर भर जाउँ उचित अस मोरा । सब तें सेवक-धरम कठोरा ॥
देखि भरत-गति सुनि मृदु बानी । सब सेवक-गन गरहिॅ गलानी ॥
sira bhara jāum̐ ucita asa morā | saba teṃ sevaka-dharama kaṭhorā ||
dekhi bharata-gati suni mṛdu bānī | saba sevaka-gana garahiॅ galānī ||
भरत तीसरे पहर कहँ, कीन्ह प्रबेस प्रयाग ।
कहत राम सिय राम सिय, उमगि उमगि अनुराग ॥
bharata tīsare pahara kaham̐, kīnha prabesa prayāga |
kahata rāma siya rāma siya, umagi umagi anurāga ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0