एक समय सब सहित समाजा । राजसभाँ रघुराज बिराजा ॥
सकल सुकृत मूरति नरनाहू । राम-सुजस सुनि अतिहि उछाहू ॥
eka samaya saba sahita samājā | rājasabhām̐ raghurāja birājā ||
sakala sukṛta mūrati naranāhū | rāma-sujasa suni atihi uchāhū ||
5 श्लोक · 2 में से 326
एक दिन राजा दशरथ पूरे समाज सहित राजसभा में बैठे हैं। वे पुण्य की मूर्ति हैं और श्रीराम का सुयश सुनकर उनका उत्साह बढ़ जाता है। सब राजा उनकी कृपा चाहते हैं और लोकपाल भी उनका रुख रखते हैं। तीनों लोकों और तीनों कालों में दशरथ जैसा भाग्यवान कोई नहीं, क्योंकि मंगल के मूल श्रीराम उनके पुत्र हैं। सहज भाव से राजा ने दर्पण हाथ में लिया, मुख देखकर मुकुट सीधा किया। देखा कि कानों के पास के बाल सफ़ेद हो गए हैं, मानो बुढ़ापा उपदेश दे रहा हो कि श्रीराम को युवराज बनाकर जीवन और जन्म का लाभ क्यों नहीं लेते। यह विचार मन में लाकर, शुभ दिन पाकर, प्रेम से पुलकित राजा गुरु से कहने गए।
एक समय सब सहित समाजा । राजसभाँ रघुराज बिराजा ॥
सकल सुकृत मूरति नरनाहू । राम-सुजस सुनि अतिहि उछाहू ॥
eka samaya saba sahita samājā | rājasabhām̐ raghurāja birājā ||
sakala sukṛta mūrati naranāhū | rāma-sujasa suni atihi uchāhū ||
नृप सब रहहिँ कृपा अभिलाखे । लोकप करहिँ प्रीति रुख राखें ॥
तिभुवन तीनि काल जग माहीँ । भूरि-भाग दसरथ सम नाहीँ ॥
nṛpa saba rahahim̐ kṛpā abhilākhe | lokapa karahim̐ prīti rukha rākheṃ ||
tibhuvana tīni kāla jaga māhīm̐ | bhūri-bhāga dasaratha sama nāhīm̐ ||
मङ्गल-मूल राम सुत जासू । जो कछु कहिय थोर सब तासू ॥
रायँ सुभायँ मुकुर कर लीन्हा । बदन बिलोकि मुकुट सम कीन्हा ॥
maṅgala-mūla rāma suta jāsū | jo kachu kahiya thora saba tāsū ||
rāyam̐ subhāyam̐ mukura kara līnhā | badana biloki mukuṭa sama kīnhā ||
स्रवन समीप भये सित केसा । मनहुँ जरठ-पन अस उपदेसा ॥
नृप जुबराज राम कहँ देहू । जीवन जनम लाहु किन लेहू ॥
sravana samīpa bhaye sita kesā | manahum̐ jaraṭha-pana asa upadesā ||
nṛpa jubarāja rāma kaham̐ dehū | jīvana janama lāhu kina lehū ||
यह बिचार उर आनि नृप, सुदिन सुअवसर पाइ ।
प्रेम-पुलकि-तन मुदित मन, गुरहि सुनायउ जाइ ॥
yaha bicāra ura āni nṛpa, sudina suavasara pāi |
prema-pulaki-tana mudita mana, gurahi sunāyau jāi ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0