सई तीर बसि चले बिहाने । सृंगबेरपुर सब निअराने ॥
समाचार सब सुने निषादा । हृदयँ बिचार करइ सबिषादा ॥
saī tīra basi cale bihāne | sṛṃgaberapura saba niarāne ||
samācāra saba sune niṣādā | hṛdayam̐ bicāra karai sabiṣādā ||
5 श्लोक · 189 में से 326
सई नदी के तट पर रात बिताकर सवेरे सब चले और शृंगवेरपुर के निकट पहुँचे। निषादराज गुह यह समाचार सुनकर विषाद भरे मन से विचार करते हैं। भरत वन क्यों जा रहे हैं? मन में अवश्य कोई कपट है। यदि हृदय में कुटिलता न होती तो साथ सेना क्यों ली? वे समझते हैं कि छोटे भाई सहित राम को मारकर निष्कंटक राज करूँ। भरत ने राजनीति का विचार नहीं किया, तब केवल कलंक था, अब प्राण जाएँगे। सारे देवता और असुर मिलकर लड़ें, तब भी रण में राम को कोई नहीं जीत सकता। भरत ऐसा करें तो क्या आश्चर्य, विष की बेल में अमृत फल नहीं लगते। यह विचारकर गुह अपनी जाति वालों से कहते हैं, सब सावधान हो जाओ, नावें पकड़कर डुबो दो और घाट रोक लो।
सई तीर बसि चले बिहाने । सृंगबेरपुर सब निअराने ॥
समाचार सब सुने निषादा । हृदयँ बिचार करइ सबिषादा ॥
saī tīra basi cale bihāne | sṛṃgaberapura saba niarāne ||
samācāra saba sune niṣādā | hṛdayam̐ bicāra karai sabiṣādā ||
कारन कवन भरत बन जाहीँ । है कछु कपट-भाउ मन माहीं ॥
जौं पै जियँ न होति कुटिलाई । तौ कत लीन्ह सङ्ग कटकाई ॥
kārana kavana bharata bana jāhīm̐ | hai kachu kapaṭa-bhāu mana māhīṃ ||
jauṃ pai jiyam̐ na hoti kuṭilāī | tau kata līnha saṅga kaṭakāī ||
जानहिँ सानुज रामहि मारी । करउँ अकंटक राज सुखारी ॥
भरत न राजनीति उर आनी । तब कलङ्क अब जीवन हानी ॥
jānahim̐ sānuja rāmahi mārī | karaum̐ akaṃṭaka rāja sukhārī ||
bharata na rājanīti ura ānī | taba kalaṅka aba jīvana hānī ||
सकल-सुरासुर जुरहिँ जुझारा । रामहि समर न जीतनिहारा ॥
का आचरज भरत अस करहीं । नहिँ बिष बेलि अमिय फल फरहीं ॥
sakala-surāsura jurahim̐ jujhārā | rāmahi samara na jītanihārā ||
kā ācaraja bharata asa karahīṃ | nahim̐ biṣa beli amiya phala pharahīṃ ||
अस बिचारि गुहँ ज्ञाति सन, कहेउ सजग सब होहु ।
हथवाँसहु बोरह तरनि, कीजिय घाटारोहु ॥
asa bicāri guham̐ jñāti sana, kaheu sajaga saba hohu |
hathavām̐sahu boraha tarani, kījiya ghāṭārohu ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0